Jashpur Districts Restrictions on non-standard fertilizer storage and distribution produced by Paradeep Phosphates Ltd Orissa, a Rs.5,500 crores company with good reputation
Chhattisgarh Jashpurnagar July 29, 2010 – In a surprise move from Chhattisgarh agriculture department in remote tribal area Jashpur Nagar came a jolt to Paradeep Phosphates Fertilizers products in the form of ban in peak farming season in C’Garh.
The fertilizer ban made by Orissa based Paradeep Phosphates Ltd becomes active with immediate effect.
Deputy Director of Agriculture Jashpur on ground of finding non-standard fertilizer from DAP Manufacturer company Paradeep Phosphate Ltd., Orissa has been banned storage and its distribution with immediate effect in Jashpur district. read more »
रायपुर, 09 दिसंबर 2009 कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू इस महीने की 12 से 15 तारीख तक डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में शामिल होंगे।
कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू दस दिसम्बर को शाम सात बजे किंगफिशर एयरलाईंस के विमान से रवाना होकर रात साढ़े नौ बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। दूसरे दिन ग्यारह दिसम्बर को सुबह आठ बजे नई दिल्ली से विमान द्वारा कोपेनहेगन (डेनमार्क) के लिए रवाना होंगे । read more »
छत्तीसगढ़ में किसानों को 78 करोड़ रूपए क्षतिपूर्ति मिली
बीते पांच वर्षों में 41 लाख से अधिक किसानों की फसलों का हुआ बीमा
रायपुर, 03 नवम्बर 2009 छत्तीसगढ़ में पिछले पांच वर्षों में 41 लाख दो हजार से अधिक किसानों की खरीफ तथा रबी मौसम के विभिन्न फसलों का बीमा किया गया है। पिछले पांच वर्षों में तीन लाख छह हजार 957 किसानों को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत 77 करोड़ 91 लाख रूपए क्षतिपूर्ति के रूप में मिले हैं। इस योजना के तहत बीते पांच वर्षों के दौरान खरीफ मौसम में 40 लाख 12 हजार से अधिक एवं रबी मौसम में 89 हजार 415 किसानों के खेतों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों के कारण नष्ट होने की दशा में बीमित किया गया है। किसानों को खरीफ मौसम की फसलों के लिए पिछले पांच वर्षों में 76 करोड़ 12 लाख तथा रबी मौसम में एक करोड़ 79 लाख रूपए की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई है। वर्ष 2003-04 से अब तक खरीफ मौसम में दो लाख 96 हजार 399 तथा रबी मौसम में दस हजार 558 किसानों को बीमित फसलों के लिए क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया गया है। read more »
छत्तीसगढ़ में नहीं होगी बी.टी. बैगन की खेती : श्री साहू
कृषि मंत्री ने केन्द्र सरकार को लिखा पत्र
मनुष्यों और पशुओं पर होने वाले प्रभावों के सघन परीक्षण के बाद ही दी जाएगी मंजूरी
रायपुर, 23 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ में बी.टी. बैगन की खेती को फिलहाल राज्य सरकार की मंजूरी नहीं मिलेगी। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने केन्द्रीय कृषि मंत्री और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिख कर इस संबंध में उन्हें राज्य सरकार के स्पष्ट अभिमत से अवगत करा दिया है। श्री साहू ने आज यहां केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शरद पवार और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री श्री जयराम रमेश को लिखे पत्र को सार्वजनिक करते हुए केन्द्र सरकार से बी.टी. बैगन की देश में व्यावसायिक खेती को मंजूरी देने से पहले उसके मनुष्यों और दूसरे जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले सभी जैविक और हानिकारक प्रभावों का परीक्षण करने की भी मांग की है। read more »
सरगुजा छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों को मिलेगा प्रति क्विंटल न्यूनतम डेढ़ सौ रूपए का भुगतान
किसान क्रेडिट कार्ड पर प्रति हेक्टेयर 35 हजार रूपये का ऋण गन्ने की खेती के लिए
रायपुर, 23 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्राम केरता में तेजी से निर्माणाधीन मॉ महामाया सहकारी शक्कर कारखाने में गन्ना पहुँचाने पर किसानों को प्रति क्विन्टल न्यूनतम डेढ़ सौ रूपये के हिसाब से भुगतान मिलेगा। इसके साथ ही गन्ना उत्पादन के लिये किसानों को गन्ना बीज पर अच्छी सब्सिडी दी जाएगी। यह निर्णय अम्बिकापुर में कलेक्टर और शक्कर कारखाने के अध्यक्ष डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कारखाने की समीक्षा बैठक में लिया गया। read more »
रायपुर, 08 अक्टूबर 2009 - खरीफ मौसम में मानसून की देरी और कम बारिश के कारण खाली रहे खेतों में पिछले दिनों हुई बारिश से नमी का स्तर रबी मौसम में लगाई जाने वाली फसलों के लिए उपयुक्त है। इसी लिए इस संचित नमी का उपयोग करने किसानों को रबी की दलहन और तिलहन फसलों को ऐसे खेतों में बोने की सलाह राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा दी गई है।
अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे रामतिल, अलसी, तोरिया, मटर, धनियाँ, कुल्थी, चना, मसूर, कुसुम आदि फसलों के बीजों की बुआई कतारों में ट्रेक्टर चालित सीड कम फर्टिलाईजर ड्रिल से या हल के पीछे कूड़ में खाद एवं बीज डालने वाले बोआई यंत्र से करें। असिंचित क्षेत्रों में तोरिया की जे.टी.-1, पी.टी.-303, टी-9, रामतिल की जे.एन.सी.-6, जे.एन.सी.-9, अलसी की कार्तिका, शीतल, जे.एल. 23-10, जवाहर-23, मटर की अम्बिका, रचना, अर्पणा, चना की जे.जी.-15, विजय, वैभव और कुल्थी विरषा-1 किस्मे लगाने का सुझाव भी विशेषज्ञों ने दिया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के किसानों को रबी मौसम में लगने वाली रामतिल फसल में प्रति एकड़ 20 किलोग्राम डी.ए.पी., 25 किलोग्राम यूरिया, तोरिया में 40 किलोग्राम डी.ए.पी. एवं 35 किलोग्राम यूरिया, अलसी में 30 किलोग्राम डी.ए.पी. एवं 30 किलोग्राम यूरिया, मटर एवं चना में 1 बोरी डी.ए.पी. प्रति एकड़ उपयोग करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने डी.ए.पी. रासायनिक खाद, बीजों की बोआई के समय देने एवं यूरिया की टॉप ड्रेसिंग सिंचाई की व्यवस्था होने या नमी के रहने पर एक या दो बार करने का सलाह दी है। read more »
राष्ट्रीय बागवानी मिशन
प्रदेश में 23 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में होगी फल-फूल, सब्जी, मसाला, औषधि तथा सुगंधित पुष्पों व पौधों की खेती read more »
छत्तीसगढ़ में किसानों को अब तक लगभग आठ सौ करोड़ रूपए का ऋण वितरित
सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर कृषि ऋणों का वितरण जारी
रायपुर, 07 अक्टूबर 2009 - चालू खरीफ मौसम में छत्तीसगढ़ के किसानों को खेती के लिए एक हजार करोड़ रूपए के ऋण वितरण के लक्ष्य के विरूध्द अब तक लगभग 799 करोड़ 91 लाख रूपए का ऋण दिया जा चुका है। विभिन्न जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों द्वारा राज्य की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को यह ऋण सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के किसानों को इस वर्ष मानसून के दौरान खरीफ फसलों की खेती के लिए एक हजार करोड़ रूपए का ऋण दिलाने की घोषणा की है। इसमें से 600 करोड़ रूपए का ऋण नगद राशि के रूप में और 400 करोड़ रूपए का ऋण खाद, बीज आदि कृषि उपयोगी वस्तु के रूप में देने का लक्ष्य है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब तक लगभग 485 लाख 69 लाख रूपए नगद और 314 करोड़ 22 लाख रूपए वस्तु के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। read more »
दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने कार्यक्रम तय
रायपुर, 06 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ में आगामी रबी मौसम में 17 लाख हेक्टेयर रकबे में रबी की फसलें लगाई जाएंगी। रबी वर्ष 2009-10 में प्रदेश में दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाकर उनके उत्पादन में बढ़ोत्तरी पर विशेष जोर रहेगा।
राज्य शासन के कृषि विभाग ने इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। वर्तमान खरीफ मौसम में खाली रह गए खेतों में उपलब्ध नमी का उपयोग दलहन-तिलहन फसलों की बोनी के लिए किया जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पांच प्रतिशत अधिक रकबे में रबी की फसलें लगाई जाएगी।
कृषि विभाग ने आगामी रेल मौसम के लिए खाद, बीज और दवाओं सहित खेती किसानी के लिए जरूरी सभी सामग्रियों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को जारी किए हैं। read more »
सिर्फ तीन प्रतिशत ब्याज पर एक हजार करोड़ रूपए के ऋण वितरण का लक्ष्य
रायपुर, 01 अगस्त 2009 - छत्तीसगढ़ के किसानों को चालू खरीफ मौसम में खेती के लिए राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 543 करोड़ रूपए का ऋण दिया जा चुका है। यह ऋण निर्धारित लक्ष्य का 54 प्रतिश है। किसानों को यह ऋण खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों के बीज, खाद, कृषि यंत्र सहित पौध संरक्षण औषधि आदि के लिए सिर्फ तीन प्रतिशत की किफायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया है। किसानों को राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष खरीफ के दौरान एक हजार करोड़ रूपए के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पिछले वर्ष खरीफ 2008 में किसानों को 642 करोड़ 80 लाख रूपए का ऋण खेती किसानी से संबंधित खर्चों के लिए उपलब्ध कराया गया था। read more »