Chhattisgarh Forest छत्तीसगढ़ वन
रायपुर, 28 जुलाई 2009 - राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक एक लाख 55 हजार दावा प्रकरणों का निपटारा करते हुए इनमें से एक लाख 28 हजार वनवासी परिवारों को वन भूमि के अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं।
इसके फलस्वरूप अब उन्हें विभिन्न हितग्राही मूलक शासकीय योजनाओं का आसानी से लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में यह जानकारी दी गई। read more »
राज्य स्तरीय वन महोत्सव की भी होगी शुरूआत
रायपुर, 25 जुलाई 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा के समीप स्थित ग्राम बरोंडा में चंदन वन की स्थापना की जाएगी। आगामी सोमवार 27 जुलाई को दोपहर एक बजे वहां राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ होगा।
इस अवसर पर बरोंडा में चंदन के पौधे अधिक से अधिक संख्या में लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह होंगे। read more »
अब तक 8.54 लाख क्विंटल से अधिक साल-बीजों की आवक
सबसे ज्यादा साल-बीज संग्रहण पूर्वी सरगुजा वन मंडल में
रायपुर, 22 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के जंगलों में साल-बीजों के संग्रहण के जरिए वनवासियों ने चालू मौसम के दौरान अब तक 85 करोड़ 42 लाख रूपए से ज्यादा आमदनी सुनिश्चित कर ली है। राज्य की 913 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के संग्रहण केन्द्रों में साल-बीजों की लगातार आवक हो रही है।
अब तक आठ लाख 54 हजार 266 क्विंटल साल-बीजों का संग्रहण इन केन्द्रों में हो चुका है। प्रदेश के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए साल-बीज संग्रहण भी मौसमी रोजगार का एक बेहतर जरिया बन चुका है। इन संग्रहण केन्द्रों में वनवासियों से साल-
बीज दस रूपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जा रहा है। read more »
मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर केन्द्र सरकार से राज्य को जल्द मिलेंगे 130 करोड़ रूपए
क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण निधि में जमा राशि मिलने का रास्ता खुला
छत्तीसगढ़ में भी गठित किया जाएगा 'केम्पा'
रायपुर, 17 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर राज्य सरकार को केन्द्र से विभिन्न विकास प्रकल्पों के लिए क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण निधि में से 130 करोड़ रूपए जल्द मिलने वाले हैं। यह राज्य सरकार की तेरह सौ करोड़ रूपए की उस राशि का दसवां हिस्सा होगा, जो पिछले सात वर्षों से केन्द्र के पास जमा है। मुख्यमंत्री की पहल के फलस्वरूप अब राज्य को यह राशि मिलने का रास्ता खुल गया है।
डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री जयराम रमेश को भी धन्यवाद दिया है। केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी बहुत जल्द क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (केम्पा) का गठन किया जाएगा, जिसकी गवर्निंग कमेटी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। read more »
वन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे वनोपजों के पौधे
अगले माह रायपुर में होगी राज्य स्तरीय कार्यशाला
रायपुर, 15 जुलाई 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत वन क्षेत्रों को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वनवासियों की रोजी-रोटी के स्थायी साधन विकसित करने की जरूरत बताई है।
उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को वन क्षेत्रों में बांस, इमली, हर्रा, बहेड़ा, आंवला और तेंदू जैसे उपयोगी प्रजातियों के रोपण के कार्य लेने के भी निर्देश दिए हैं और कहा है कि इसके लिए अगले माह राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर एक व्यापक रणनीति और कार्य योजना तैयार की जाए। read more »
आरा मिलों के लाइसेंस नवीनीकरण और नामांतरण प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाया जाएगा : वन मंत्री
रायपुर, 11 जुलाई 2009 - वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने कहा है कि आरा मिलों को जारी लाइसेंसों के नवीनीकरण और नामांतरण की प्रक्रिया का अध्ययन कर इसे व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर और भी अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने इस प्रक्रिया के सरलीकरण के बारे में भी विचार करने का आश्वासन दिया। मध्यप्रदेश, गुजरात आदि राज्यों में प्रचलित प्रक्रिया का अध्ययन करने के बाद जल्द ही निर्णय लिए जाएंगे। श्री उसेण्डी कल शाम राजधानी के देवेन्द्रनगर में आयोजित टिम्बर व्यवसायियों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
रायपुर टिम्बर मर्चेण्ट एसोसिएशन द्वारा देवेन्द्रनगर के 'टिम्बर भवन' में आयोजित इस सम्मेलन में वन मंत्री का अभिनंदन भी किया गया। श्री उसेण्डी ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि लगातार बढ़ती जनसंख्या के काष्ठ जरूरतों की आपूर्ति केवल वनों के विदोहन से ही संभव नहीं है। इसलिए हमें निजी भूमि और किसानों के खेतों पर बड़े पैमाने पर इमारती पौधों के रोपण की जरूरत है। read more »
वन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ रायपुर, 10 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वनों के विकास और संरक्षण के लिए वन विभाग को अपनी विभागीय कार्य-योजना को और भी ज्यादा परिणाम-मूलक बनाने के निर्देश दिए है। डॉ. सिंह ने विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वन प्रबंधन समितियों के खाते की राशि से समितियों द्वारा सुझाए गए रोजगार मूलक कार्यों को प्राथमिकता से संचालित किया जाए।
डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन से अधिक रोजगार देने वाली जैसे बांस, महुआ, आंवला आदि स्थानीय प्रजातियों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जाए। इन प्रजातियों से वनवासियों का गहरा संबंध रहा है। उन्होंने अनुसंधान और विकास के लिए प्रदेश में तीन टिशू कल्चर प्रयोगशाला खोलने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने उक्त निर्देश आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ वन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान दिए। read more »
राजधानी के धार्मिक स्थानों में लगाए जाएंगे औषधीय महत्व के पौधे
जड़ी-बूटियों की पहचान और उपयोगिता सुनिश्चित करने की जरूरत : डॉ. रमन सिंह
राज्य वनौषधि बोर्ड के संचालक मण्डल की चौथी बैठक
मुख्यमंत्री ने दिखाई वितरण एवं प्रचार वाहन को हरी झण्डी
वनौषधि गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए एम.ओ.यू.
छत्तीसगढ़ रायपुर, 09 जुलाई 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड के संचालक मण्डल की चौथी बैठक में कहा कि राज्य के गांवों और जंगलों में बड़े पैमाने पर वनौषधियां और जड़ी-बूटियां मौजूद हैं। जरूरत उन्हें पहचानने और उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने की है।
डॉ. सिंह ने कहा कि गांव-गांव में इसके लिए जन-चेतना बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री आज शाम यहां जेल रोड स्थित छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड के कार्यालय में संचालक मण्डल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वन मंत्री श्री विक्रम उसेण्डी, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू , मुख्य सचिव श्री पी. जॉय. उम्मेन, अपर मुख्य सचिव श्री एस. मिंज, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर. के. शर्मा तथा बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिरीषचन्द्र अग्रवाल सहित संचालक मण्डल के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। read more »
अब तक 7.59 लाख क्विंटल साल-बीज संग्रहित
साल-बीज संग्रहण से वनवासियों को 75.81 करोड़ रूपए की आमदनी
छत्तीसगढ़ के जंगलों से इस वर्ष साल-बीज की दोगुनी आवक
छत्तीसगढ़ रायपुर, 08 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के जंगल से वनवासियों ने चालू मौसम के दौरान अब तक सात लाख 58 हजार क्विंटल साल-बीज संग्रहित कर अपने लिए 75 करोड़ 81 लाख रुपए की आमदनी सुनिश्चित कर ली है। इसमें से अब तक 13 करोड़ 11 लाख का भुगतान उन्हें प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा चुका है।
संग्रहण के लिए अनुकूल मौसम मिलने कारण इस वर्ष प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में साल-बीज की दोगुनी आवक दर्ज की गई है। इस वर्ष के संग्रहण के लक्ष्य तीन लाख 64 हजार 500 क्विंटल के मुकाबले अब तक सात लाख 58 हजार क्विंटल से अधिक साल-बीजों की आवक हो चुकी है। सर्वाधिक एक लाख 46 हजार क्विंटल साल-बीजों की आवक पूर्वी सरगुजा यूनियन में दर्ज की गई है। read more »
- More than 60 Thousands Vanvasi (Forest Resident)get right to land in Chhattisgarh
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- छत्तीसगढ़ में 60 हजार से अधिक वनवासियों को मिला भूमि का हक read more »