- Paddy Development Plan in 10 districts of Chhattisgarh
- Pulses Development Plan in 8 districts of Chhattisgarh
- Facilities to Chhattisgarh Farmers
- Award to Best Performing Chhattisgarh District
Chhattisgarh, Raipur, 04 July 2009 - Rice and Pulse development Special efforts will made just like last year under the National Food Security Mission in the 16 districts of Chhattisgarh.
All necessary facilities and financial assistance will be provided to Chhattisgarh farmers for production of paddy and pulse crops by the Chhattisgarh State Governmnet under the National Food Security Mission. Along with this, Chhattisgarh Districts performing good work under the scheme will be awarded yearly.
Integrated Projects will be started in Chhattisgarh's Southern Bastar (Dantewada), Janjagir - Champa, Jashpur Nagar, Kabirdham, Korba, Korea, Raigarh, Raipur, and Rajnandgaon, Surguja for Rice development.
Similarly, Pulse production and area expansion projects will be implemented in Chhattisgarh's Bilaspur, Durg, JashpurNagar, Kabirdham, Raigarh, Raipur, Rajnandgaon and Surguja Districts.
Chhattisgarh Agriculture Minister, Shri Chandra Shekhar Sahu have given instructions to the departmental officers to achieve the set target cent percent under the mission with the objective of providing two times full food to all people.
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- राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन
- छत्तीसगढ़ के दस जिलों में धान और आठ जिलों में दलहन विकास की योजना
- किसानों को सुविधाएं
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले जिलों को पुरस्कार
छत्तीसगढ़ रायपुर, 04 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के सोलह जिलों में राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन के तहत पिछले साल की तरह ही चावल और दलहन विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा इस मिशन के तहत किसानों को धान एवं दलहन फसलों के उत्पादन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और आर्थिक सहायता दी जाएगी, साथ ही मिशन के तहत अच्छा काम करने वाले जिलों को प्रतिवर्ष पुरस्कृत भी किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), जांजगीर-चांपा, जशपुर नगर, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव और सरगुजा जिलों में चावल विकास के लिए एकीकृत परियोजनाएं प्रारंभ की जाएंगी।
इसी प्रकार बिलासपुर, दुर्ग, जशपुरनगर, कबीरधाम, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव और सरगुजा जिलों में दलहन उत्पादन और क्षेत्र विस्तार के लिए योजनाएं चलाई जाएंगी।
छत्तीसगढ़ कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने सभी लोगों को दो वक्त का भरपूर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस मिशन के तहत निर्धारित किए गए लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के चयनित जिलों में धान एवं दलहन फसलों के उत्पादन में वृध्दि करने, भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाए रखने तथा किसानों को आर्थिक लाभ दिलाने के साथ-साथ सभी को भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन संचालित किया जा रहा है। मिशन के तहत धान एवं दलहन फसलों के लिए किसानों को बीज खाद्य दवा सहित पौध संरक्षण यंत्रों और कीटनाशियों के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। मिशन के तहत सभी श्रेणी के किसानों को शामिल किया गया है, परन्तु अनुसूचित जाति-जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता से लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत चयनित दस जिलों में धान की उत्पादकता बढ़ाने खेती की उन्नत तकनीकों का एक एकड़ क्षेत्र में जीवांत प्रदर्शन करने किसानों को दो हजार 500 रूपए, मेडागासकर पध्दति के प्रदर्शन के लिए प्रति एकड़ तीन हजार रूपए तथा संकर धान के प्रदर्शन के लिए प्रति एकड़ तीन हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस राशि से किसानों को धान का उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, पौध संरक्षण दवा और खरपतवारनाशी दवा उपलब्घ कराई जा रही है। मिशन के तहत सकर धान बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रति क्विंटल एक हजार रूपए की सहायता किसानों को मिल रही है, साथ ही सकर धान के बीज वितरण पर भी दो हजार रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मदद दी जा रही है। मिशन के तहत भूमि सुधार के लिए सुक्ष्म तत्वों की पूर्ति करने 500 रूपए प्रति हेक्टेयर तथा अम्लीय भूमि में लाईनिंग के लिए 500 रूपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जा रही है। मिशन के तहत धान उत्पादन के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले को प्रति वर्ष पांच लाख रूपए का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन के तहत दलहन फसलों के उत्पादन और क्षेत्र विस्तार के लिए भी किसानों को अनेकों सुविधाएं दी जा रही हैं। दालों के आधार एवं प्रमाणित बीज उत्पादन पर प्रति क्विंटल एक हजार रूपए तथा बीज वितरण पर प्रति क्विंटल एक हजार दो सौ रूपए की सहायता दी जा रही है। मिशन के तहत कीट प्रबंधन के लिए साढ़े सात सौ रूपए प्रति हेक्टेयर तथा सिंचाई सुविधाओं के लिए स्पिंकलर सेट वितरण पर साढ़े सात हजार रूपए प्रति हेक्टेयर के मान से आर्थिक सहायता दी जा रही है। दलहन उत्पादन एवं क्षेत्र विस्तार के लिए श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कार सहित विस्तर प्रशिक्षण और मास मीडिया अभियान के लिए भी पचास लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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