वेब मीडिया और हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा टिकरापारा रायपुर में होली एवं महिला दिवस पर कवि सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें महंगाई और मिलावट के साथ कृष्ण को होली के लिए मंजुला श्रीवास्तव ने आमंत्रण किया, छत्तीसगढ़ सरकार को 2 रूपया किलो चावल और दारू की दुकान के लिए आशा श्रीवास्तव ने होली और महिला दिवस की बधाई दी। वहीं गीतकार श्यामसुंदर त्रिपाठी ने भजन सरिता के द्वारा देश की वर्तमान रामायण का मतला दिया। अरूणा चौहान और जयप्रकाश त्रिपाठी श्रृंगार के साथ गुलालमय होली और महंगाई के साथ होली चित्रण किया।
श्री सना अहमद ने वन्दे मातरम गीत को उर्दु में गाकर उन मुस्लिम मजहबी लोगों को गीत की संस्कृति से परिचीत करवाया जो कि महिला दिवस का सांकेतिक गीत है की महिलाएं अमन और चैन के लिए भाषाओं के चक्रव्यूह को तोड़कर भी भारत की सांस्कृतिक एकता में अपना अमूल्य सहयोग दे सकती हैं। यह भी एक होली का सुंदर रंग है।
मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
लिपियों की त्रिवेणी है 'मिरास-ए-हसन'
उर्दू शेरो-शायरी का यह संकलन
रायपुर, 08 नवम्बर 2009 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यहां राज्योत्सव 2009 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के प्रसिध्द शायर रायपुर निवासी स्वर्गीय हाजी हसन अली 'हसन' की उर्दू गजलों, नज्मों, कताअत और अश्आर के ताजा संकलन 'मिरास-ए-हसन' का विमोचन किया। डॉ. सिंह ने पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उर्दू शेरो-शायरी का यह संकलन देवनागरी, उर्दू और अंग्रेजी लिपियों का एक त्रिवेणी संगम बन गया है। read more »
रायपुर, 08 अक्टूबर 2009 - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उर्दू साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को स्वर्गीय हाजी हसन अली पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2009 के इस पुरस्कार के लिए आवेदन पत्र 20 अक्टूबर 2009 तक आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि तक पूरी तरह भरे आवेदन पत्र कार्यालय आयुक्त आदिम जाति एवं अनुसूचित जन जाति विकास विभाग रायपुर में जमा किए जा सकते हैं।
पुरस्कार के तहत विजेता को दो लाख रूपए की नगद राशि और प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन के साथ अपना पूर्ण विवरण, उर्दू साहित्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों का सप्रमाण विस्तृत प्रतिवेदन, स्वरचित उर्दू साहित्य की अभिप्रमाणित प्रतिलिपि संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। वर्ष 2009 के पुरस्कार के लिए पूर्व में पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। read more »
कला जत्था निर्देशकों व कलाकारों की सात दिवसीय कार्यशाला शुरू
रायपुर, 13 जुलाई 2009 - आगामी 08 और 09 अगस्त को होने वाले प्रदेश व्यापी पुस्तक वाचन अभियान में गुणवत्तापूर्ण वाचन के लिए कला निदेशकों की राज्य स्तरीय सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन यहां राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद कार्यालय के सभागृह में रविवार से शुरू हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के कला जत्था निदेशक, महिला एवं पुरूष कलाकार शामिल हुए । कार्यक्रम की शुरूआत श्री डेकेश्वर वर्मा के प्रेरणागीत से हुई। read more »
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने वयोवृध्द पत्रकार श्री त्रिवेदी के निधन पर शोक व्यक्त किया
रायपुर, 11 जुलाई 2009 - स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर निवासी वयोवृध्द स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पत्रकार एवं साहित्यकार श्री स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी के आकस्मिक निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है।
श्री अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री त्रिवेदी किशोरावस्था में ही स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता से जुड़ गए थे। देश की आजादी की लड़ाई के समय उन्होनें पत्रकारिता के माध्यम से आमजनता में देशभक्ति का संचार करने का कार्य किया। read more »
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शोक प्रकट किया
रायपुर, 11 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के वरिष्ठतम साहित्यकार, कवि, पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी के आज रायपुर में हुए आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा है कि श्री त्रिवेदी के देहावसान से प्रदेश में साहित्य और पत्रकारिता के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है। read more »
स्वर्गीय श्री स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी : जीवन यात्रा
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम साहित्यकार, पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी का आज रायपुर में निधन हो गया। श्री त्रिवेदी का जन्म एक जुलाई 1920 को हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा राजधानी रायपुर के नयापारा स्थित प्राथमिक शाला में और हाईस्कूल की शिक्षा भी रायपुर में ही तत्कालीन लारी स्कूल (वर्तमान में माधवराव सप्रे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) में हुई थी।
श्री त्रिवेदी ने पन्द्रह वर्ष की अपनी किशोरावस्था से ही साहित्य और पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। वे हिन्दी साहित्य मंडल रायपुर की मासिक पत्रिका 'आलोक' के संपादक थे। उन्होंने जून 1942 में श्री केशव प्रसाद वर्मा के साथ रायपुर से जनमानस में राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए हिन्दी साप्ताहिक 'अग्रदूत' का संपादन शुरू किया। साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में अपनी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें तत्कालीन अंग्रेज शासकों ने प्रताड़ित और दण्डित भी किया। read more »
प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय आलोचना संगोष्ठी आयोजित
रायपुर, 11 जुलाई 2009 - प्रदेश के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन ने आज रायपुर में प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय आलोचना संगोष्ठी के अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्यकार अपनी साहित्यिक रचनाओं को जन सामान्य तक पहुंचाएं। साहित्यकार वर्तमान समाज को अपने नवीनतम विचारों से अवगत कराकर युवा वर्ग को दिशा प्रदान करें।
साहित्य केवल पठन-पाठन तक सीमित नहीं होना चाहिए। उसे किताबों से निकालकर बाहर लाने की जरूरत है। साहित्य में इतनी ताकत होती है जिसके जरिये समाज एवं उसका परिवेश बदल जाता है। आज के बदलते परिवेश में सशक्त एवं मार्गदर्शी साहित्य की सख्त जरूरत है, जिसके प्रकाश में भावी पीढ़ी अपनी परम्परा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों से भली-भांति परिचित हो सके और उन्हें सही राह मिल सके। read more »
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