कांकेर, बीजापुर, कोण्डागांव और बस्तर हमर छत्तीसगढ़

हमर छत्तीसगढ़ योजना: मुख्यमंत्री से बस्तर संभाग के पांच सौ से ज्यादा पंच-सरपंचों की सौजन्य मुलाकात, गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुशिक्षित बनाने में पंचायत, प्रतिनिधियों की भागीदारी बहुत जरूरी: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 28 जुलाई 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज शाम यहां उनके निवास परिसर में राज्य सरकार की ’हमर छत्तीसगढ़’ योजना के तहत रायपुर और नया रायपुर के अध्ययन दौरे पर आए बस्तर संभाग के चार जिलों-कांकेर, बीजापुर, कोण्डागांव और बस्तर (जगदलपुर) के पांच विकासखण्डों के पंच-सरपंचों ने सौजन्य मुलाकात की। इनमें 60 ग्राम पंचायतों के 512 प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्बोधित करते हुए हर गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और सुशिक्षित बनाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बहुत जरूरी है। 

डॉ. रमन सिंह ने कहा-आम जनता और जनप्रतिनिधियों तथा पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सहयोग से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर बस्तर अंचल में प्रभावी अमल हो रहा है। सबके सहयोग से बस्तर का तेजी से विकास होने लगा है। उन्होंने यह भी कहा-हमर छत्तीसगढ़ योजना इसलिए शुरू की गई है कि प्रदेश के सभी जिलों के पंच-सरपंच रायपुर और नया रायपुर आकर राज्य सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को नजदीक से देख और समझ सकें। विभिन्न जिलों के पंच-सरपंच यहां आकर जब एक-दूसरे से मिलते हैं तो अपने-अपने जिलों और गांवों के विकास से जुड़े अपने अनुभवों को भी साझा करते हैं। डॉ. सिंह ने कहा-शासन की योजनाओं का समुचित लाभ जरूरतमंद लोगों को दिलाना पंचायत प्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 35 लाख गरीब परिवारों को महिलाओं के नाम पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्हें मात्र 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर यह कनेक्शन निःशुल्क दिया जा रहा है। साथ ही डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर भी मुफ्त दिया जा रहा है। अब तक 13 लाख से ज्यादा घरों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पहुंच चुकी है। 
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने किसानों के खेतों में सौर ऊर्जा से सिंचाई व्यवस्था के लिए संचालित सौर सुजला योजना के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण महाभियान में भी पंच-सरपंचों से सहयोग का आव्हान किया और कहा कि इस महाभियान के तहत प्रदेश में इस वर्ष चालू मानसून के दौरान वन महोत्सवों का आयोजन करके आठ करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। डॉ. रमन सिंह ने यह भी कहा कि मार्च 2018 तक प्रदेश के शत-प्रतिशत मजरों-टोलों का विद्युतीकरण कर लिया जाएगा। इसके लिए तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन में भी पंच-सरपंचों के सहयोग की जरूरत पर बल दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि इस मिशन के तहत ग्राम पंचायतों, विकासखण्डों और जिलों को विभिन्न चरणों में खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा रहा है। स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है। इसलिए यह प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता का मिशन है। 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आज यहां उनके निवास पहुंचे इन पंचायत प्रतिनिधियों में विकासखण्ड नरहरपुर (जिला कांकेर), विकासखण्ड आवापल्ली (जिला बीजापुर), विकासखण्ड केशकाल और फरसगांव (जिला कोण्डागांव) और विकासखण्ड बकावण्ड (जिला बस्तर) की कुल 60 ग्राम पंचायतों के 512 पंच-सरपंच शामिल थे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मरकाटोला (जिला कांकेर) की सरपंच श्रीमती अन्नपूर्णा ठाकुर ने हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत अपने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को मुख्यमंत्री और अन्य पंच-सरपंचों के समक्ष साझा किया। 

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मुख्यमंत्री इस दौरान विधानसभा के मानसून सत्र से संबंधित सरकारी काम-काज में व्यस्त रहेंगे। मानसून सत्र मंगलवार एक अगस्त से शुरू हो रहा है, जो शुक्रवार 11 अगस्त तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के रायपुर निवास में गुरूवार तीन अगस्त और दस अगस्त को जनदर्शन कार्यक्रम नहीं होगा।

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