संचार के साधनों में रेडियो आज भी प्रासंगिक-राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल

अखिल भारतीय रेडियो श्रोता सम्मेलन में आकाशवाणी के अनेक उद्धोषक सम्मानित
 
राजस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि संचार के अनेक आधुनिक साधन विकसित हो जाने के बाद भी आज रेडियो प्रासंगिक बना हुआ है। भारत जैसे गांवों के देश के लिए रेडियो का और अधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि रेडियो के इसी महत्व को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जीवनी पर आधारित रेडियो धारावाहिक 'गौरव गाथा' का निर्माण करने की योजना बनायी है। इस धारावाहिक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और आत्मोत्सर्ग की जानकारी जन-जन तक पहुंचेगी।

रायपुर, 02 अक्टूबर 2007 -  श्री अग्रवाल आज आकांक्षा रेडियो लिसनर्स क्लब धरसींवा द्वारा यहां आयोजित अखिल भारतीय रेडियो श्रोता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की। रेडियो सिलोन की प्रसिध्द उद्धोषिका सुश्री नलिनी परेरा इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थी। राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने इस सम्मेलन में आकांक्षा रेडियो लिसनर्स क्लब धरसींवा की ओर से आकाशवाणी के अनेक पूर्व एवं वर्तमान उद्धोषको का सम्मान किया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के रेडियो श्रोता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर संस्था की स्मारिका 'आकांक्षा' का विमोचन भी किया।

      श्री अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि आकाशवाणी रायपुर के 44 वें स्थापना दिवस पर आज रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय रेडियो श्रोता सम्मेलन के आयोजन का अलग महत्व है। इस अनूठे कार्यक्रम में पड़ोसी राज्यों के रेडियो श्रोताओं ने शामिल होकर सम्मेलन को महत्वपूर्ण बना दिया है। श्री अग्रवाल ने इस आयोजन के लिए आकांक्षा रेडियो लिसनर्स क्लब धरसींवा के अध्यक्ष श्री छेदूलाल यादव सहित क्लब के अन्य सदस्यों को बधाई दी। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज के इस इलेक्ट्रॉनिक युग में भी रेडियो का महत्व बरकरार है। देश-दुनिया की खबरें आज ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियो के माध्यम से मिलती है। संचार की यह सुविधा हर वर्ग के व्यक्तियों के लिए उपयोगी है। कई बार विशेष परिस्थितियों में रेडियो पर ही निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने मनोरंजक कार्यक्रमों के लिए रेडियो सिलोन के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि एक समय में गीत-संगीत सुनने के लिए लोग रेडियो सिलोन के दीवाने हुआ करते थे। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर आकाशवाणी के अनेक पूर्व और वर्तमान उद्धोषकों को सम्मानित किया। इनमें श्री विष्णु प्रसाद साहू (बिसाहू भैय्या), श्री अरविंद माथुर (बिलासपुर), श्री शोभनाथ साहू (अंबिकापुर), श्री गिरिवर लाल नागवंशी, श्री संजय पाण्डेय, श्री यादराम पटेल, श्री दीपक हटवार, श्री अनिल सॉलोमन, श्री श्याम वर्मा, श्री उमेश तिवारी शामिल है। श्री अग्रवाल ने रेडियो सिलोन की उद्धोषिका सुश्री नलिनी परेरा का छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए उनका विशेष रूप से सम्मान किया।

      इस अवसर पर समारोह के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज ने कहा कि रेडियो का महत्व कभी कम नहीं होगा। उन्होंने बताया हाल ही में राज्य शासन के दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर मैना की खोज रेडियो के माध्यम से ही संभव हो सकी। श्री बजाज इस अवसर पर रेडियो से जुड़े अपने अनुभवों को श्रोताओं को सुनाया। सम्मेलन में आये रेडियो के श्रोताओं ने एक दूसरे का परिचय देते हुए भविष्य में इस आयोजन को और व्यापक पैमाने पर करने का संकल्प लिया।

हिन्दी