मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आजीविका मिशन बैठक

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की वार्षिक कार्य-योजना का अनुमोदन : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति की बैठक

रायपुर 11 अगस्त 2017 - मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही आन्ध्रप्रदेश की संस्था एस.ई.आर.पी. के साथ दस विकासखण्डों में सामुदायिक संवर्ग के विकास एवं क्षमतावर्धन और तीन विकासखण्डों में महिला स्वसहायता समूह एवं सशक्तिकरण के अनुबंधों का अनुमोदन किया गया। बैठक में प्रदान संस्था के साथ कार्य अवधि में विस्तार और वैल्यू चैन के लिए बेसिक्स के साथ अनुबंधों का भी अनुमोदन किया गया।

बैठक में मिशन की संचालक श्रीमती ऋतु सेन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए मिशन को 374 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 की प्रगति और चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 की वार्षिक कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन का क्रियान्वयन राज्य के सभी 27 जिलों के 85 चयनित विकासखण्डों में किया जा रहा है। बैकिंग सुविधाओं की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्व बैंक की सहायता से 20 जिलों के 44 विकासखण्डों में बैंक सखी मॉडल पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 182 स्थानों पर बैंक सखी की पदस्थ करने का लक्ष्य है। अब तक 64 बैंक सखियों द्वारा कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। वर्ष 2016-17 में बैंक क्रेडिट लिंकेज के तहत 305 करोड़ रूपए के 21 हजार 237 ऋण प्रकरण स्वीकृत किये गए। उन्होंने बताया कि महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के तहत बस्तर जिले में बकावंड विकासखण्ड के पांच ग्राम पंचायतों के 29 गांवों के 2200 परिवारों द्वारा रसायन मुक्त धान, सब्जी उत्पादन एवं मिश्रित खेती की गयी। इसी तरह श्रीविधि खेती में 1125 महिला किसानों को जोड़ा गया है। 1417 महिला किसानों द्वारा व्यवसायिक सब्जी उत्पादन और 1278 महिला किसानों द्वारा मिश्रित खेती को अपनाया गया। 138 महिला कृषकों द्वारा बकरी पालन किया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री ढांड ने सब्जी के प्रोसेसिंग के लिए विस्तार से कार्ययोजना बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने जिले के भ्रमण के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किये जा रहे कार्यो का भी अवलोकन करने के निर्देश दिए।
बैठक में मिशन संचालक ने विशेष परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के आठ जिलों एवं 12 विकासखण्डों में महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (टसर) संचालित करने का प्रस्ताव है। जिसमें दस हजार 848 हितग्राहियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 17 करोड़ 34 लाख रूपए का प्रावधान तीन वर्ष के लिए किया गया है। इसी प्रकार पांच विकासखण्ड - नरहरपुर, बस्तर, बलरामपुर, छुरा एवं राजनांदगांव में मॉडल ब्लाक कर्न्वजेन्स परियोजना प्रस्तावित है। जिसमें वंचित परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की लागत छह करोड़ सात लाख है और परियोजना की अवधि 20 माह है। अभिसरण योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए कुल तीन परियोजनाओं की स्वीकृति दी गयी है। जिसके अंतर्गत 3440 हितग्राहियों को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इस योजना के लिए दस करोड़ 26 लाख की स्वीकृति तीन वर्ष के लिए प्रदान की गयी है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री अजय सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण श्री एम.के. राउत, प्रमुख सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, सचिव खाद्य श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव महिला एवं बाल विकास डॉ. एम.गीता, सचिव ग्रामोद्योग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री आशीष भट्ट, सचिव वन श्री अतुल शुक्ला, सचिव स्वास्थ्य श्री अनिल साहू, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सुश्री शहला निगार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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