मिट्टी स्वास्थ्य पत्रक योजना का लाभ

मिट्टी स्वास्थ्य पत्रक योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष से आधार कार्ड अनिवार्य
किसान वर्तमान में 15 जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर ले सकते हैं लाभ

रायपुर, 29 मई 2017 - मिट्टी स्वास्थ्य पत्रक योजना का लाभ लेने किसानों के लिए चालू वित्तीय वर्ष से आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि विभाग द्वारा आधार कार्ड से वंचित ऐसे किसानों, जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें आधार कार्ड बनवाने की अपील की गयी है।
    कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि ऐसे किसान जिनके पास वर्तमान में आधार कार्ड नहीं है और मिट्टी नमूना जांच करवाना चाहते हैं वे 15 विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हेैं। इनमें आधार कार्ड के लिए कराए गए नामांकन प्रपत्र, आधार नामांकन के लिए प्रस्तुत अनुरोध प्रपत्र, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र, आयकर विभाग द्वारा जारी स्थायी लेखा संख्यक (पेन कार्ड), पासपोर्ट, मोटरयान अधिनियम 1988 के अधीन अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा जारी ड्रायविंग लाइसेंस, किसी राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार द्वारा अपने शासकीय लेटरहैड पर जारी कोई पहचान पत्र, जिस पर फोटो लगा हो, डाक विभाग द्वारा जारी पता कार्ड, जिसमें नाम और फोटो हो, बैंक फोटो पासबुक, किसान फोटो पासबुक, राशन कार्ड तथा अन्य दस्तावेज, जो राज्य सरकार या संघ राज्य प्रशासन द्वारा विनिर्दिष्ट हो शामिल हैं।
    विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य में मिट्टी स्वास्थ्य पत्र योजना के प्रथम चरण में अब तक 40 लाख से अधिक किसानों को उनकी खेती की जमीनों का स्वास्थ्य पत्रक दिया जा चुका है। किसान हर दो साल में अपने खेतों की मिट्टी की जांच करवाकर प्रपत्र में की अनुशंसाओं के आधार पर उरर्वकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग सुगमता से कर सकते हैं। योजना के दूसरे चरण में अगले दो साल में आठ लाख मिट्टी नमूनों का संग्रहण एवं विश्लेषण कर करीब 37 लाख 50 हजार स्वास्थ्य पत्रकों का वितरण किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा फरवरी 2017 में प्रकाशित अधिसूचना में चालू वित्तीय वर्ष से मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी किसानों के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता रखी गयी है।

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