प्रदेश व्यापी पुस्तक वाचन अभियान का आयोजन

पुस्तकें पढ़ने से जीवन की राह को आसान बनाने में मदद मिलती है : स्कूल शिक्षा सचिव श्री नंदकुमार

रायपुर, 01 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ में 09 अगस्त 2009 को प्रदेश व्यापी पुस्तक वाचन अभियान का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को शत-प्रतिशत सफल और सार्थक बनाने के लिए आज यहां वाचन गुणवत्ता अभियान एवं पुस्तकालय प्रबंधन पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ ।

स्कूल शिक्षा सचिव श्री नंदकुमार ने इस शिविर के उद्धाटन अवसर पर पुस्तक वाचन अभियान में गुणवत्ता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक वाचन अभियान का आयोजन कीर्तिमान स्थापित करने के लिए नहीं किया जा रहा है।

अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में वाचन संस्कृति विकसित करने की ठोस पहल होगी। इसके साथ ही अभियान में गुणवत्तापूर्ण वाचन पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया जाना है, ताकि वाचन के साथ वाचनकर्ता में एक सोच और समझ
भी विकसित हो।

शिविर का आयोजन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर एवं राज्य संसाधन केन्द्र रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। शिविर में प्रदेश के जिला साक्षरता समितियों के सचिव, साक्षरता परियोजना निदेशक, जिला समन्वयक एवं स्त्रोत व्यक्ति भाग ले रहे हैं। शिविर में उद्धाटन के अवसर पर राज्य संसाधन केन्द्र के निदेशक श्री तुहिन देव, राज्य संसाधन केन्द्र की उपाध्यक्ष श्रीमती जया भगवनानी, जन शिक्षण केन्द्र के संचालक श्री राजेश सोनी, राज्य साक्षरता मिशन के परियोजना प्रबंधक श्री प्रशांत पाण्डेय,उप प्रबंधक श्री दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ को तेजी से विकास की ओर ले जाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जरूरत है और शिक्षा की सार्थकता के लिए वाचन संस्कृति आवश्यक है। लगातार सीखने का सबसे अच्छा माध्यम वाचन है। इससे एक समझ विकसित होती है और व्यक्ति का दृष्टिकोण सकारात्मक बनता है। देश-दुनिया के बारे में जानकारी बढ़ती है। वाचन संस्कृति से वाचनकर्ता की सोच और काम करने के तरीके में बदलाव आता है, इससे उसके जीवन की राह सुगम बन जाती है। श्री नंद कुमार ने कहा कि पुस्तक वाचन अभियान में इस वर्ष पुस्तक पढ़ने के बाद उस पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जाएगा। इससे अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ेगी। वाचन संस्कृति नई पीढ़ी के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी साबित होगी। स्कूल शिक्षा सचिव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष 28 हजार 511 स्कूलों में पुस्तकालयों की स्थापना की गयी है। इनमें बीस हजार प्रायमरी स्कूल, सात हजार मिडिल स्कूल तथा नौ सौ से अधिक हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। सतत् शिक्षा कार्यक्रम के तहत भी चार हजार से अधिक पुस्तकालय अलग से प्रारम्भ किए गए है।

राज्य संसाधन केंद्र के निदेशक श्री तुहिन देव ने कहा कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए पुस्तक का उपयोग होना चाहिए। पुस्तक का उपयोग वाचन से होगा। अच्छी पुस्तकों को सुरक्षित ढ़ंग से सहेज कर रखने के लिए अच्छे पुस्तकालय की आवश्यकता होती है। पुस्तकों के उचित रख-रखाव के लिए वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने पुस्तक वाचन अभियान को पुस्तकों का त्यौहार बताया और कहा कि इस त्यौहार को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा गया है। राज्य संसाधन केन्द्र की उपाध्यक्ष श्रीमती भगवनानी ने महिला शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि उनमें शिक्षा का प्रसार करके सम्मान पूर्वक जीवन जीने की ललक पैदा की जा सकती है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक श्री प्रशांत पाण्डेय ने पुस्तक वाचन अभियान को नये स्वरूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें गुणवत्तापूर्ण वाचन को महत्व दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी मार्गदर्शी बिन्दु तय किए गए उन्होंने पुस्तक वाचन अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और शिविर में उपस्थित सभी व्यक्तियों के लिए अभियान की सफलता हेतु निर्धारित उत्तरदायित्वों की विस्तार से जानकारी दी। रंगकर्मी श्री राजकमल नायक ने शिविर के उद्धाटन कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए पुस्तक वाचन अभियान में गुणवत्ता को जोड़ने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वाचन के बाद उस पर विचार प्रकट करने से विचारों को खुराक मिलती है। प्रदेश में पुस्तक वाचन संस्कृति विकसित करने की सोच गुणवत्तापूर्ण वाचन से साकार होगी।

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