आ गई छत्तीसगढ़ में ब्लाकचैन, अवधारणा का सबूत पूर्ण

छत्तीसगढ़ ने पहचान प्रबंधन के लिए ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर पीओसी को सफलतापूर्वक पूर्ण किया

रायपुर, 16 अक्टूबर 2017 - छत्तीसगढ़ में आईटी और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के आईटी विकास और कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में, छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) ने पहचान प्रबंधन के लिए ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के प्रयोग पर पीओसी (अवधारणा का सबूत) (प्रूफ ऑफ कांसेप्ट) को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों से भागीदारी की है।

संयुक्त सचिव और चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एलेक्स पॉल मेनन ने बताया कि गोपनीयता और डेटा सुरक्षा चिंता का विषय है, और हमें विश्वास है कि ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी के माध्यम से इनसे जुडी समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है। हम डेटा धारकों की जवाबदेही तय करने के साथ साथ डिजाइन-बाय-प्राइवेसी लागू करने, नागरिकों की प्रोफाइलिंग के जोखिम से बचने के तरीके ढूंढ़ने, और विश्वास सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि बिग डेटा, नागरिक डेटाबेस, विशिष्ट राष्ट्रीय पहचानकर्ताओं और दैनिक लेनदेन के डिजिटलीकरण के इस दौर में, गोपनीयता के इस मुद्दे का समाधान खोजना जरूरी हो गया है। नीति के ढांचे और कानूनों के साथ, हमें इस समस्या को हल करने के लिए उपयुक्त तकनीक की भी जरूरत होती है। ब्लॉकचैन तकनीक डेटा सत्यता (इन्टीग्रिटी) को सुनिश्चित करता है, और यह भी सुनिश्चित करता है कि सुपर-यूजर ’एडमिन’ के अब तक की निर्विवाद शक्तियों को खत्म करने वाले सभी परिवर्तनों या नागरिक डेटा की ओर किए गए एक्सेस के लिए एक ऑडिट ट्रेल बनाए रखा जाएगा। पीओसी पहचान प्रबंधन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कार्यों को दर्शाता है, साथ ही अतिरिक्त पीओसी अन्य उपयोग-मामलों को भी प्रदर्शित करने के लिए प्रगति पर हैं।
 उन्होंने बताया कि इसके अलावा ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी क्रिप्टो-कर्रेंसीज में अपने पारंपरिक उपयोग से परे, विभिन्न समस्याओं के समाधान करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।

हम एस्टोनिया से प्रेरणा लेते हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक तकनीकी-समझ रखने वाला राष्ट्र है, साथ ही घाना सहित उन अफ्रीकी देशों से भी हम प्रेरित है जिन्होंने ब्लॉकचैन तकनीकी के साथ अपने भूमि अभिलेखों को सुरक्षित करने के लिए बिटलैंड से भागीदारी की है। इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनीएटेक जैसे कई देशों ने सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में ब्लॉकचैन के उपयोग में प्रगति की है। यह प्रौद्योगिकी नयी है, और इसके भविष्य में अनिश्चितता के साथ साथ विभिन्न संभावनाएं भी है और इन संभावनाओं का लाभ लेने में हम पीछे नहीं रहना चाहते हैं। अब चिप्स विभिन्न डोमेन में विभिन्न स्टार्टअप और विशेषज्ञों के साथ भागीदारी करके विभिन्न डोमेन में कई पीओसी और पायलट परियोजनाओं को लागू करना चाहता है।

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