अखिल विश्व गायत्री परिवार का देव संस्कृति विश्वविद्यालय

भारतीय संस्कृति के अध्ययन में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का होगा महत्वपूर्ण योगदान: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री ने किया विश्वविद्यालय का लोकार्पण

रायपुर, 15 अक्टूबर 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दुर्ग जिले में कुम्हारी के पास सांकरा स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विशाल भवन का लोकार्पण किया। इस विश्वविद्यालय की स्थापना अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा की गई है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए गायत्री परिवार के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ में भारतीय संस्कृति के अध्ययन में इस विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
    डॉ. सिंह ने कहा - राज्य में आज से नये विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। डॉ. सिंह ने देश और समाज में भारतीय संस्कृति के अनुरूप वैचारिक क्रांति लाने और संस्कारवान पीढि़यों के निर्माण की दिशा में गायत्री परिवार द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने इस संगठन के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा को भी विशेष रूप से याद किया। डॉ. सिंह ने विश्वविद्यालय के संचालन में शासन-प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का वायदा किया। इस मौके पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रणव पण्डया ने मुख्यमंत्री को उनके 65वें जन्म की बधाई दी और तिलक लगाकर तथा मंत्रोच्चारण के साथ रक्षा सूत्र बांध कर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को गायत्री परिवार के प्रतीक के रूप में रूद्राक्ष की माला तथा पीत-वस्त्र भी भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से डॉ. प्रणव पण्डया का स्वागत किया।
    कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, रायपुर रायपुर के लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, महासमुंद के लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू, राजनांदगांव के लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह, राज्यसभा सदस्य डॉ. भूषण लाल जांगड़े, छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्याम बैस, विधायक अहिवारा श्री सांवला राम डाहरे, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरम लाल कौशिक, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी और क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। हजारों की संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

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