2500 करोड़ की चार सड़क परियोजनाओं की मंजूरी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन से सौजन्य मुलाकात की। 

छत्तीसगढ़ के लिए 2500 करोड़ की चार सड़क परियोजनाओं के निर्माण की मंजूरी : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी से मुलाकात की

रायपुर 10 अप्रैल 2017 -  छत्तीसगढ़ में 2515 करोड़ रूपये लागत की चार महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। यह मंजूरी आज नई दिल्ली में परिवहन मंत्रालय में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मिली। केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी मई माह में छत्तीसगढ़ के भ्रमण के दौरान अनेक निर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे । 

प्रथम स्वीकृत परियोजना के तहत रायपुर - दुर्ग सड़क मार्ग पर यातायात सुगम बनाने के लिए 350 करोड़ रूपए की लागत से तीन फलाई ओवर का निर्माण किया जायेगा। बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ के 18 बाईपास वाले शहरों में आंतरिक सड़क के विकास के लिए 690 करोड़ रूपये व्यय किये जायेंगे। इनमें बेमेतरा, सिमगा, बोदला, कवर्धा, मस्तुरी -अकलतरा बायपास,  जांजगीर चांपा बायपास, सक्ती बायपास,  कांकेर, केशकाल, अंबिकापुर, सीतापुर, पत्थलगांव, बैंकुठपुर, सांरगगढ़, चन्द्रपुर और रायगढ़ बायपास शामिल है। बैठक में बालोद-कुसुमकासा-मानपुर के बीच 80 किलोमीटर सड़क मार्ग के निर्माण की भी स्वीकृति मिली। इसकी लागत 680 करोड़ रूपये है। इसी प्रकार बिलासपुर - मुंगेली - पंडरिया-पौड़ी के बीच 104 किलोमीटर लंबाई के सड़क मार्ग के निर्माण पर भी सहमति बनी है। इस सड़क मार्ग के निर्माण पर 795 करोड़ रूपये की लागत आयेगी। 

बैठक में केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बीच इस बात पर भी सहमति बनी की हर तीन महीने में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों की नियमित बैठक होगी जिसमें सड़क निर्माण कार्यो की समीक्षा होगी ताकि निर्माण कार्यो में किसी प्रकार का प्रशासकीय या तकनीकी विलंब न हो। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी मानीटरिंग करेंगे। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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