स्वतंत्रता

जंलिया वाला बाग और कूका नामधारी अब मान्‍यता प्राप्‍त

आजादी पर मर मिटने वालों को शहीद का दर्जा | जी हां पूरे 61 बरस लगे इन राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलनों को राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन की मान्‍यता प्राप्‍त करने में । - दो पूर्व स्वतंत्रता आंदोलनों को स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन प्राप्ति के लिए मान्यता - भारत सरकार ने पंजाब के दो स्वतंत्रता पूर्व आंदोलनों, कूका नामधारी आंदोलन 1871 और जंलिया वाला बाग नरसंहार, 1919 को स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के तहत पेंशन के अनुदान के लिए राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलनों की सूची में जोड़ने हेतु मान्यता दी है.