सियान जानत्री बाई अब गैस से खाना बनती है

जीवन के चौथे पड़ाव में सियान अर्थात वृद्धा जानत्री बाई लुफ्त उठायेगी गैस से बना खाने का
बेमेतरा 10 अप्रैल 2017

जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम नेवसा निवासी 76 वर्षीय वृद्धा जानत्री बाई अपने जीवन के चौथे पड़ाव में गैस से बने भोजन का लुफ्त उठायेगी। यह सब प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही, गैस सिलेण्डर और चुल्हा से संभव हुआ है। लोक सुराज के प्रथम चरण में जानत्री बाई ने ग्राम पंचायत में गैस सिलेण्डर और चुल्हा दिलाने आवेदन प्रस्तुत की थी। खाद्य विभाग द्वारा हितग्राही को येाजना से लाभान्वित करने हेतु पात्र मानते हुए उन्हें गैस सिलेण्डर और चुल्हा उपलब्ध कराई गई है। गैस सिलेण्डर और चुल्हा मिलने पर गैस से खाना बनाने जानत्री बाई की ललक बढ़ गई है।

ढलती उम्र में भी वह गैस सिलेण्डर, चुल्हा और रेग्यूलटर का बखूबी उपयोग करने की बातें कहते हुए जानत्री बाई कुकर में स्वयं के लिए दाल-चावल की खिचड़ी बना लेने की बातें कही। उन्होंने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। उनके चार बेटे है। जो खाने-कमाने के लिए अन्यत्र स्थान चले गए है। घर के कामकाज और सहयोग के लिए उनकी एक नाती साथ में रहता है। जानत्री बाई ने बताया कि अब तक मैं कंडा-लकड़ी जलाकर खाना बना रही थी, धंुए की वजह से खाने बनाते तक काफी परेशानियां होती थी। सरकार ने कंडा-लकड़ी की झंझट से मुक्त करने गैस सिलेण्डर देने की सोची है। यह बहुत बढ़िया कदम है। जानत्री बाई ने जोश और उत्साह के साथ सरकार के मुखिया को तहेदिल से धन्यवाद दी है। 

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