साहित्य

पूनों आई है चँदनियाँ में रात नहाई

पूनो आई है ।
चंदा दुल्हन सा लागे,
तारों की चूनर ओढ़े
लगे गगन न चाँदी की,
गागर लुढ़काई ॥ पूनो ..............

तार खिंचे चमकीले सुन्दर,
धरती अंबर जोड़े,
पवन नशीले मतवारे ने
वीणा है बजाई ॥ पूनो ..............

ठहरे पानी की चादर पर,
अंबर विहंस उतर आया ॥
चतुर चितेरे ने चंदा की,
चिंतवन है चुराई ॥ पूनो ..............

ऐसे मीठे मधुमौसम में
मधुबन महक गया
लगे कन्हैया ने कूंजों से
टेर लगाई ॥ पूनो ..............

हौले हौले आई रानी ॠतु की

बनके बगिया में बसंती बहार
कैसे संभालू मोरा जियरा ।

झर झर झर पत्ते झरते
पर्ण स्वर्ण से सुन्दर लगते,
कों पल झाँकत आय

धरती पीली चूनर औढ़े
नभ से जैसे के झर बरसे,
वसुधा वधु सी लजाए

रंग बिरंगे फूल खिले हैं
भंवरों के गुंजन भाये

मदन बाण से वसुधा घायल,
मंद समीर की रूनझुन पायल
नदियां छलकत जाए ॥

एक बार ही महक का मौसम: गीत

अंतस तक गहराता है ।
पल पल में तब जीवन के,
सुधासिंधु लहराता है ॥

बूँद एक ही पीकर लगता,
होश कभी न आयेगा ।
पर्वत मरघट कोई आये,
ऐसी एड़ लगे जीवन को,
सब समतल हो जाता है ॥

बगिया बंजर रवि शशि में,
ताल तलैया तारों में ।
रमती है झंकार एक ही
दिखती झलक बहारों में ।
पर जब छिड़ता राग एक
मन वीणा बन जाता है ।

नदिया में कुछ घुटनों तक ही,
कुछ छिंकते मझधारों में,
कुछ तट तक भी पहँच सके हैं
कुछ ठिठके किनारों में ।
पर जो बूड़ा बीच धार में
वही पार उतर जाता है ।

महक मेरे गीत में

फूलों की भीनी खुशबू ने,
भरदी महक मेरे गीत में ।
कोमल के मीठे गान में,
ढाला इन्हें संगीत में ।

नदियां की कलकल चुपके से आके,
शब्द बनी है मेरे गीत में ।
सागर में उठते ज्वार ने,
उमंग भरी है इनके सांस में ।

चंदा की चाँदनी का रूप समाया,
इनके गीत में ।
पवन ने झूले में झूलके मानों,
मस्ती भरी है मेरे गीत में ।

बने जो गीत प्यार के ,
छलके मधु गुलाब से ।
भारी फूलों की डाल से,
भाव भरे हैं अनुराग के ।

दिवाकर मुक्तिबोध की पुस्तक का लोकार्पण

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में डॉ. नामवर सिंह ने किया श्री दिवाकर मुक्तिबोध की पुस्तक का लोकार्पण

रायपुर, 18 जून 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां प्रेस क्लब में आयोजित समारोह में नई दिल्ली से आए सुप्रसिध्द हिन्दी साहित्यकार और समालोचक डॉ. नामवर सिंह ने स्थानीय पत्रकार श्री दिवाकर मुक्तिबोध की पुस्तक 'इस राह से गुजरते हुए' का लोकार्पण किया।

छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान आयोजित कार्यक्रम

संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की 150वीं वर्षगांठ समारोह के अंतर्गत पिछले एक साल तक देशभर में हुए कार्यक्रमों से देशवासियों में राष्ट्रीयता की भावना और मजबूत हुई है। देश को आजाद करने के लिए देशभक्तों द्वारा किए गए त्याग और बलिदानों के इतिहास से जुड़े कार्यक्रमों से नई पीढ़ी के मन में स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा का जज्बा पैदा करने में मदद मिली है। श्री अग्रवाल कल देर रात यहां छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य संस्थान द्वारा 1857 के शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर संस्थान की ओर से स्वतंत्रता संग्रा

राजस्थान में मीराँ पीठ

राजस्थान में मीराँ पीठ स्थापित करने के प्रयास किये जायेंगे - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
जयपुर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री घनश्याम तिवाड़ी ने भक्ति आंदोलन में मीराँ के योगदान को अतुलनीय बताते हुए कहा कि राज्य में स्थित विश्वविद्यालय में मीराँ पीठ स्थापित करने के पूरे प्रयास किये जायेंगे।

'गांधी चालीसा' का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास पर राजनांदगांव निवासी श्री हरि सूरज बलि सिन्हा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन और कृतित्व पर रचित 'गांधी चालीसा' का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के मौके पर श्री सिन्हा के इस रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें पुस्तक प्रकाशन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राजनांदगांव कृषि उपज मंडी समिति के उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत सहित सर्वश्री विजय सोनी, कमलेश सिंह और रोमलाल सिन्हा भी उपस्थित थे।

आतंकवाद के खिलाफ आया एक काव्य संग्रह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर प्रसिध्द कवि और चिन्तक तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री श्री बी.के.एस.रे की अंग्रेजी कविताओं के संकलन 'टेरर मस्ट डाय' का विमोचन किया। इस पुस्तक में हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ 26 कविताएं शामिल हैं। नगर निगम रायपुर के महापौर श्री सुनील सोनी भी इस मौके पर उपस्थित थे।