साची और श्रुति का पीपावाव बंदरगाह में जलावतरण

गुजरात के पीपावाव में आरडीईएल द्वारा पहले दो नौसैनिक अपतटीय गश्‍ती जहाज साची और श्रुति लांच किए गए
रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरडीईएल) ने आज गुजरात के पीपावाव शिपयार्ड में पहले दो नौ सैनिक अपतटीय गश्‍ती जहाज (एनओपीवी) को लांच किया। ये जहाज भारतीय नौसेना के लिए पांच जहाज निर्माण परियोजना के हिस्‍सा हैं। दोनों अपतटीय गश्‍ती जहाज- साची और श्रुति- को आज वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा, वीपीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, एडीसी, पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ की पत्‍नी श्रीमती प्रीति लूथरा ने लांच किया।

अपतटीय गश्‍ती जहाज सामान्‍यत: देश के विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की निगरानी का काम करते हैं। इसके अतिरिक्‍त जहाज पायरेसी विरोधी गश्‍ती, बेड़ों को समर्थन, अपतटीय परिसम्‍पत्तियों की समुद्री रक्षा, तटीय सुरक्षा तथा नौवहन मार्ग की रक्षा का काम भी करते हैं। एनओपीवी भारतीय नौ सेना की समुद्री निगरानी और गश्‍ती क्षमता को बढ़ाएंगे।

इस अवसर पर वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा ने कहा कि साची और श्रुति जहाज का लांच किया जाना महत्‍वपूर्ण घटना है क्‍योंकि ये दोनों जंगी जहाज निजी क्षेत्र में बने हैं। उन्‍होंने कहा कि नौ सेना द्वारा जंगी जहाजों को निजी क्षेत्र में बनाने की अनुमति देना एक अवसर है जिसका उपयोग निजी क्षेत्र को पूरी तरह करना चाहिए। यह राष्‍ट्रीय क्षमता जैसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने में सहायक हैं। फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने कहा कि हमने कई अच्‍छे जहाज बनाये है और उतारे हैं फिर भी हमारे शिपयार्डों को गुणवत्ता, उत्‍पादकता के वैश्विक मानक हासिल करने के उद्देश्‍य से परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि परियोजनाएं नियत समय में पूरी की जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय आवश्‍यकताओं को पूरा करने के अतिरिक्‍त शिपयार्डों को निर्यात पर भी ध्‍यान देना चाहिए।  ‍

फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड और कंपनी के कर्मियों तथा नौ सेना के जहाज निरीक्षण तथा गुणवत्ता आश्‍वासन दल को उनके प्रयासों के लिए सराहना की। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि निकट भविष्‍य में साची और श्रुति भारतीय नौ सेना में शामिल किए जाएंगे।  

हिन्दी