सस्ता चावल

रोजगार और सस्ता चावल

हम गांव क्यों छोड़ें ? - विकासखण्ड लोरमी के ग्राम गुनापुर के प्रमादी व सुरेश दोनो कहते हैं कि पहले मजदूरी के लिये उन्हें जिले से बाहर जाना पड़ता था। क्योंकि उन्हें अपना व बच्चों का पेट पालना पहले मुश्किल था। परन्तु राज्य सरकार ने हमारे गांव में रोजगार गारंटी के कार्य खोले और सस्ते चावल की व्यवस्था की है तो हम रोजी-रोटी के लिए गांव छोड़कर दूर क्यों जाएं ?

खुशी से वे कहते हैं कि अब तो सरकार उन्हें बच्चों की तरह पाल रही है। जुलाई माह से वे दो रुपये किलो में चावल खरीदेंगे। बिलासपुर जिले के ग्राम लगरा की बरमतबाई कहती हैं कि डॉ. रमन सिंह ने गरीबों का ख्याल रखा है।