संस्कृति

युगों युगों में संचार के सम्राट संत कबीर

कबीर के संचार पर गरिमामय आयोजन, संत कबीर दुनिया के सबसे बड़े संचारक : प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, संत कबीर सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे: डॉ. रमन सिंह
‘कबीर साहित्य में समरसता और संचार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

कबीरमय जग, जन्म जयंती ज्ञान की जगमग

छत्तीसगढ़ के जन-जीवन पर कबीर दर्शन का गहरा प्रभाव: डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री ने कबीर जयंती पर जनता को दी बधाई, न्यू सर्किट हाउस में कबीर गोष्ठी, हरयाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी आ रहे हैं.

माता कौशल्या केन्द्रित पत्रिका विमोचन

मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या पर केन्द्रित विशेषांक का विमोचन किया
रायपुर, 11 नवंबर 2011 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दोपहर यहां मंत्रालय में 'आगासदिया' पत्रिका द्वारा प्रकाशित माता कौशल्या पर केन्द्रित विशेषांक का विमोचन किया।

इस अवसर पर संत कवि श्री पवन दीवान और :अगासदिया' पत्रिका के सम्पादक डॉ. परदेशी राम वर्मा भी उपस्थित थे। यह विशेषांक मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम की माता कौशल्या पर केन्द्रित है। पौराणिक इतिहासकारों के अनुसार छत्तीसगढ़ (दक्षिण कोशल) को माता कौशल्या का मायका माना जाता है।

ज्येष्ठ में जीवनदायिनी जलदान मुख्यमन्त्री

इस अनोखी प्याऊ में डॉ. रमण सिंह अपने हाथो से जल वितरण कर खास संदेस दे रहे हैं, गर्मी सबको लगती है, पानी सबको चाहिये

मुख्यमंत्री ने किसानों को अपने हाथों से पिलाया पानी : गर्मियों में प्याऊ संस्कृति को बढ़ावा देने और पशु-पक्षियों के लिए भी पेयजल व्यवस्था करने का आव्हान

समाधान शिविर में कई घोषणाएं: शिक्षा कर्मियों का वेतन भुगतान एक सप्ताह में करने के निर्देश

आज अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस, संस्कृति में कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर पद्मश्री पुरातत्वविद अरुण कुमार शर्मा एवं अन्य आमंत्रित वक्ताओं का व्याख्यान संस्कृति विभाग सभागार में आयोजित किया जा रहा है। आज महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में प्रवेश और फोटोग्राफ़ी निशुल्क है।

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में आज 18 मई को व्याख्यान कार्यक्रम रखा गया है। यह कार्यक्रम संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह साढ़े 10 बजे से प्रारंभ हुआ।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

पुरखौती मुक्तांगन में आमचो बस्तर प्रखण्ड

राज्य की संस्कृति, परम्परा एवं कला का जीवंत प्रदर्शन नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया गया है। यह पर्यटकों, आम नागरिकों और कला-प्रेमियों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। अब यहां आमचो बस्तर की तरह सरगुजा एवं मैदानी क्षेत्र की कला संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। वर्ष 2017-18 में पुरखौती मुक्तांगन के विभिन्न कार्यों के लिए पांच करोड़ रूपए खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुरखौती मुक्तांगन करीब दो सौ एकड़ में फैला है।

भोपाल में संस्कृत सम्मेलन

भोपाल में राज्य-स्तरीय संस्कृत सम्मेलन 29 मार्च को, देश के ख्याति-प्राप्त संस्कृत विद्वान शामिल होंगे सम्मेलन में 

भोपाल : मंगलवार, मार्च 21, 2017, भोपाल में 29 मार्च को गुड़ीपड़वा के मौके पर राज्य-स्तरीय संस्कृत सम्मेलन रवीन्द्र भवन, भोपाल में होगा। सम्मेलन में देश के ख्याति-प्राप्त संस्कृत विद्वान शामिल होंगे।