श्रमिक हितैषी विशेष अभियान

मुख्यमंत्री अध्यक्षता में श्रम विभाग की समीक्षा बैठक : श्रमिक हितैषी योजनाओं के लिए राज्य में चलेगा विशेष अभियान

अब तक 15 लाख श्रमिकों को मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ, बारिश के दौरान दस बड़े शहरों में होंगे श्रमिक कल्याण पर केन्द्रित शिविर 

रायपुर, 04 मई 2017 - मेहनतकश मजदूरों को श्रम विभाग की 60 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए राज्य में बारिश के चार महीनों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत अगले डेढ़ साल में लगभग 425 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे और इस राशि से श्रमिकों को अनुदान सामग्री आदि का वितरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा - लोक सुराज अभियान के तहत प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों में भी श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि श्रमिकों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा अपनी तीन संस्थाओं के जरिये वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक, विगत तीन वित्तीय वर्षों में 15 लाख श्रमिकांे को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। इन योजनाओं का संचालन भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा किया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री ने बैठक में बारिश के मौसम में प्रदेश के दस बड़े शहरों में श्रमिक कल्याण पर केन्द्रित विशाल शिविरों का आयोजन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में उनके स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज की व्यवस्था हो और  स्वास्थ्य बीमा योजना, के स्मार्ट कार्ड का भी वितरण किया जाए, प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के बीमित लोगों का नवीनीकरण भी इन शिविरों में किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा - श्रमिक केन्द्रित इन शिविरों में मजदूर परिवारों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित किया जाए। डॉ. रमन सिंह ने बैठक में संगठित और असंगठित दोनों तरह के श्रमिकों के लिए कौशल उन्नयन प्रशिक्षण की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने श्रम विभाग के मैदानी अधिकारियों के लिए कार्य शालाओं का आयोजन करने के निर्देश दिए, और कहा कि इन कार्यशालाओं में उन्हें विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। 
मुख्यमंत्री ने बैठक में भवन निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित श्रमिकों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही उनका अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों को दिलाये जाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा - योजनाओं के तहत काम हो रहे हैं, लेकिन श्रम विभाग आम जनता के बीच अपनी योजनाओं का सहज-सरल और बेहतर प्रस्तुतिकरण भी दे, ताकि जरूरतमंद लोग उनका लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी का यह वर्ष गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार अपनी श्रमिक हितैषी योजनाओं के जरिये बेहतर भागीदारी दे सकता है। डॉ. सिंह ने कहा श्रम विभाग द्वारा राजधानी रायपुर और दुर्ग में चावड़ियों में श्रमिकों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में अन्न सहायता योजना शुरू की गई है, जिसका विस्तार प्रदेश के अन्य श्रमिक बहुल बड़े शहरों में भी किया जाए।  डॉ. सिंह ने कहा - इस योजना में चावड़ी और कार्य स्थल पर मौजूद श्रमिकों को एक वक्त का ताजा पका हुआ भोजन देने का प्रावधान है।  उन्होंने दीनदयाल श्रम अन्न सहायता योजना का विस्तार रायपुर शहर के उरला जैसे औद्योगिक क्षेत्र सहित रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर, भिलाई आदि बड़े शहरों के श्रमिक बहुल इलाकों में भी करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कहा - हालांकि वर्तमान में यह योजना निःशुल्क है, लेकिन श्रमिकों से मात्र पांच रूपए का सहयोग शुल्क भी लिया जा सकता है, ताकि योजना का प्रबंधन और भी अधिक बेहतर ढंग से हो और हमारे मेहनतकश श्रमिक पांच रूपए देकर स्वाभिमान के साथ भरपेट भोजन कर सकें। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में श्रमिकों को गर्म और ताजा भोजन देने के लिए समाज सेवी संगठनों को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा - कुछ ऐसे संगठन भी हैं, जो विभिन्न बड़े अस्पतालों और अन्य स्थानों पर गरीबों को किफायती दर पर चाय-नाश्ता और भोजन भी दे रहे हैं। उन्हें श्रम विभाग की इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। श्रम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में इस योजना के तहत रायपुर जिले में पांच और दुर्ग जिले में दो केन्द्र स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2017-18 में 24 केन्द्र शुरू करने और लगभग एक लाख श्रमिकों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। 
बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग की 60 योजनाओं की समीक्षा की। इनमें भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल,  असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल की योजनाएं शामिल हैं। राजमाता विजयाराजे कन्या विवाह योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना, अटल पेंशन योजना, अन्न सहायता योजना सहित 22 योजनाएं भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा और मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार साइकिल सहायता योजना, सिलाई मशीन सहायता योजना, ई-रिक्शा योजना सहित 26 योजनाएं असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा चलायी जा रही है। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, निःशुल्क साइकिल और सिलाई मशीन वितरण सहित एक दर्जन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा अब तक लगभग 13 लाख  30 हजार श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा लगभग आठ लाख 85 हजार श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इस प्रकार दोनों संस्थाओं में कुल 22 लाख 14 हजार से ज्यादा असंगठित श्रमिक पंजीकृत हुए हैं। योजनाओं का लाभ देने के लिए छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी इस वर्ष से पंजीयन शुरू किया जा रहा है, जिसमें ढाई लाख से तीन लाख श्रमिकों के पंजीकृत होने की संभावना है। बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एन बैजेन्द्र कुमार, श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, पर्यटन, संस्कृति और जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री संतोष मिश्रा, श्रम आयुक्त श्री अविनाश चम्पावत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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