श्रमिकों का पंजीयन एवं आधार-मोबाईल-खाता नम्बर का लिंकेज

मुख्य सचिव ने की श्रम विभाग की समीक्षा
रायपुर, 08 मई 2018 - मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उपकर की राशि का शत-प्रतिशत वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा है। साथ ही श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले हितग्राही मूलक सामग्रियों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा है। मुख्य सचिव ने शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा के परिचालन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक पात्र और इच्छुक हितग्राहियों का चयन करने और उन्हें ई-रिक्शा प्रदाय करने के निर्देश दिए है। विभागीय अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य भर में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के कुल 15 लाख 12 हजार 285 श्रमिकों का पंजीयन अब तक किया जा चुका है। इनमें से 13 लाख पांच हजार 851 श्रमिकों के आधार नम्बर, 11 लाख 381 श्रमिकों के मोबाईल नम्बर और 13 लाख 58 हजार 410 श्रमिकों के बचत खाता का लिंकेज कर लिया गया है। उसी तरह असंगठित क्षेत्र के कुल 11 लाख 24 हजार 309 श्रमिकों का पंजीयन अब तक पूरा कर लिया गया है। पंजीकृत श्रमिकों में से सात लाख 46 हजार 795 श्रमिकों के आधार नम्बर, पांच लाख दो हजार 81 श्रमिकों के मोबाईल नम्बर और सात लाख 63 हजार 785 श्रमिकों के खाता नम्बर अद्यतन कर लिए गए है।  श्रम कल्याण मण्डल के तहत नियोजकों के माध्यम से 80 हजार 790 श्रमिकों का पंजीयन एवं आधार-मोबाईल-खाता नम्बर का लिंकेज कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 16 हजार 581 भवन एवं अन्य निर्माण में लगे श्रमिकों का बीमा किया गया था। इसी तरह वर्ष 2017-18 में 33 हजार 14 श्रमिकों का बीमा किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में एक लाख सात हजार 297 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया था। वर्ष 2017-18 मंे एक लाख 46 हजार 486 श्रमिकों को बीमित किया गया था। असंगठित क्षेत्र के एक लाख 73 हजार 488 श्रमिकों को वर्ष 2016-17 में बीमित किया गया था और वर्ष 2017-18 में 97 हजार 279 श्रमिकों को बीमा के लिए पंजीकृत किया है। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के तहत 27 योजनाओं का संचालन किया जाता है। असंगठित कर्मकारों के लिए 21 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है। सफाई कर्मकारों के लिए 14 प्रकार की योजनाएं संचालित है। ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार, हमाल श्रमिकों के लिए 14 प्रकार की योजनाएं और श्रम कल्याण मण्डल द्वारा 12 प्रकार की योजनाओं का संचालन राज्य में किया जा रहा है। राज्य में निर्मित हो रहे फैक्ट्रियों, नक्शा पास हुए व्यवसायिक परिसरों-कॉलोनियों और शासकीय निर्माणों से वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल दो अरब छह लाख 93 हजार रूपए की वसूली उपकर के रूप में की गई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के पात्र एक लाख 80 हजार श्रमिकों को साइकिल वितरण, नौ हजार श्रमिकों को सिलाई मशीन, एक लाख 35 हजार श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण, एक लाख 35 हजार श्रमिकों को औजार और 1500 श्रमिकों को ई-रिक्शा वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के 45 हजार श्रमिकों को साइकिल, चार हजार 500 श्रमिकों को सिलाई मशीन, चार हजार 500 श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण, नौ हजार श्रमिकों को तराजू बाट के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह सफाई कर्मकारों के पढ़ने वाले बच्चों के लिए दो हजार छात्रवृत्तियों, 1500 कौशल उन्नयन और नौ हजार श्रमिकों को सहायक उपकरण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। हमाल, ठेका श्रमिक एवं घरेलू कर्मकारों को तीन हजार छात्रवृत्ति और नौ हजार श्रमिकों को सहायक सामग्रियों का वितरण किया जाएगा। इसी तरह श्रम कल्याण मंडल के पंजीकृत श्रमिकों के अध्ययनशील सात हजार बच्चों को छात्रवृत्ति, 500 कन्या विवाह, पांच हजार सायकल वितरण, एक हजार सिलाई मशीन और ट्राय सायकल एवं अन्य सहायक उपकरण का वितरण किया जाएगा। बैठक में सचिव नगरीय प्रशासन डॉ. रोहित यादव, अपर श्रम आयुक्त श्री जी.एस. एल्मा, उप सचिव श्रीमती दिव्या मिश्रा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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