शबरी नदी दोरनापाल में आधा किलोमीटर लम्बे पुल की सौगात

लोक सुराज अभियान 2017 : नक्सल पीड़ित सुकमा जिले को मिली नये पुल की सौगात: मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

छत्तीसगढ़-ओड़िशा के बीच सुगम होगा यातायात, तमाम कठिन चुनौतियों के बीच, ग्यारह साल में बना 500 मीटर लम्बा सेतु

रायपुर, 03 अप्रैल 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित सुकमा जिले की जनता को आज शबरी नदी में दोरनापाल के पास लगभग आधा किलोमीटर लम्बे पुल की सौगात दी। दोरनापाल-पोड़िया-कालीमेला मार्ग पर निर्मित 500 मीटर लम्बा यह सेतु छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्यों के बीच सुगम यातायात के लिए सड़क सम्पर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। 

    मुख्यमंत्री नेे दस करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से दोरनापाल के पास इस नये पुल का लोकार्पण किया। उन्होंने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए लोगों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा-तमाम कठिन चुनौतियों और अवरोधों के बीच लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, केन्द्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों के सहयोग से इसका निर्माण लगभग 11 साल में पूर्ण हुआ है। लोगों के उत्साह को देखते हुए कहावत सच साबित हो रही है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। मुख्यमंत्री ने पुल का लोकार्पण करते हुए कहा-मैंने इसके निर्माण की घोषणा 11 साल पहले वर्ष 2006 में की थी। अब इस अंचल के लोगों का वर्षो पुराना सपना साकार हो गया है। 
    डॉ. रमन सिंह ने कहा-राज्य सरकार सुकमा जिले में आम जनता की सुविधा के लिए सड़क नेटवर्क के विकास और विस्तार की दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। इस क्षेत्र में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण में सुरक्षा के अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए हमारे अनेक वीर जवानों ने अपनी शहादत दी है। हम उनकी शहादत का सम्मान करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने जिले में सड़क अधोसंरचनाओं के विकास में प्रशासन, सुरक्षा बल, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और निविदाकारों से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की। डॉ. रमन सिंह ने कहा-सुकमा जिले में सुकमा-दंतेवाड़ा के बीच 25 करोड़ रूपए की लागत से सड़क उन्नयन का कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ और ओड़िशा की सीमा पर इस जिले में कई पुल-पुलियों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।     मुख्यमंत्री ने कहा-मैंने इस बार यह निर्णय लिया था कि लोक सुराज अभियान में कहीं कोई लोकार्पण या शिलान्यास नहीं करूंगा, लेकिन इस कठिन इलाके में सबके सहयोग से 11 साल में पूर्ण हुए इस पुल के लोकार्पण के लिए आमंत्रण मिलने पर मैंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपने निर्णय को परिवर्तित किया। उन्होंने कहा- बस्तर संभाग में सड़क, रेल और विमान और इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर नेट परियोजना इस इलाके में इंटरनेट सेवाओं के लिए काफी लाभदायक होगी। मुख्यमंत्री ने दोरनापाल-कालीमेला पुल के ठेकेदार को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 
    उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, सरस्वती साईकिल योजना के तहत स्कूली बालिकाओं को साईकिल और छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम में जनता को स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी श्री केदार कश्यप और कोंटा क्षेत्र के विधायक श्री कवासी लखमा ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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