लोक सुराज से बदलता प्रशासन का चेहरा

छत्तीसगढ़ में मुख्य मंत्री की छापामार पद्धति से हवाई रस्ते गाँव में दस्तक ने जमीनी प्रशासन में एतिहासिक और सर्वकालिक बदलाव लाये हैं.

मुख्यमंत्री ने हर विभाग को दिए पन्द्रह माह की कार्य-योजना बनाने के निर्देश : लोक सुराज की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय समीक्षाओं का स्वरूप बदलेगा : डॉ. रमन सिंह

जिला स्तरीय अधिकारियों को देना होगा अपने काम-काज का प्रस्तुतिकरण 

संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

रायपुर 07 मई 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अगले पन्द्रह महीने की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य स्तर पर हमने 18 महीने की कार्य योजना बनाकर समीक्षा शुरू कर दी है। इसमें से तीन माह का समय पूरा हो गया है। अब हर जिले में आगामी 15 महीने की जिला स्तरीय कार्य-योजना बनाकर योजनाओं में तेजी लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री आज जिला मुख्यालय महासमुंद में लोक सुराज अभियान के तहत महासमुंद और गरियाबंद जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा - प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान के तहत मैदानी स्तर पर हम लोग योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। लोक सुराज अभियान के बाद सरकार विभागीय समीक्षाओं का स्वरूप बदलेगी। राज्य सरकार हर जिले में इस अभियान पर आधारित रिपोर्ट तैयार करवा रही है। लोक सुराज अभियान की इस रिपोर्ट के आधार पर निकट भविष्य में विभागवार समीक्षा के नये बिन्दु तय किये जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा - भविष्य में होने वाली जिलेवार समीक्षा बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हर विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आंकड़े और अध्ययन करके बैठकों में आना होगा और अपने विभागीय काम-काज का प्रस्तुतिकरण देना होगा। योजनाओं को धरातल पर अमलीजामा पहनाने में अधिकारियों का प्रदर्शन कैसा रहा, इस आधार पर प्रत्येक अधिकारी का मूल्यांकन किया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा लोक सुराज अभियान योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीन हकीकत को  जानने का अभियान है। अधिकारियों को अपने शासकीय कार्यों का स्वयं होकर मूल्यांकन और आत्म निरीक्षण करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के अधिकारियों से सौर सुजला योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण, मनरेगा, वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी, आधार कार्ड, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, आय-निवास- जाति प्रमाण वितरण, स्मार्ट कार्ड वितरण, स्किल डेवलपमेंट एवं स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।  उन्होंने संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान कहा कि ऐसे स्कूल जो युक्तियुक्तकरण के तहत बंद हो चुके है, उनके खाली भवनों का उपयोग स्वास्थ्य विभाग के लिए किया जाना चाहिए। इन भवनों में इलाज की प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। संस्थागत प्रसव के लिए भी इन भवनों का उपयोग किया जा सकता है। 
डॉ. रमन सिंह ने राजस्व, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के सभी बच्चों को निवास, आमदनी और जाति प्रमाण पत्र 30 जून तक जारी कर दिए जाए। प्रमाण पत्र ऐसा बने, जिसे लेकर बच्चों को भविष्य में भटकना न पड़े। उन्होंने दोनों जिलों की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं की भी जानकारी ली। 
डॉ. सिंह ने सौर सुजला योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था करने में भी सफल साबित होगी। उन्होंने पेयजल की कमी वाले गांवों में दो-दो, तीन-तीन सोर्स तलाश करके सोलर पंप के माध्यम से लोगों को पीने और निस्तारी के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गांवों में राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत पानी की टंकियां भी बनाई जा सकती है। इससे बिजली बिल की समस्या भी दूर हो जाएगी। डॉ. सिंह ने दोनों जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने इस दिशा में दोनों जिलों में प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ की। उन्होंने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सौर सुजला योजना, आगामी मानसून के दौरान हरियर छत्तीसगढ़ वृक्षारोपण अभियान, नये शिक्षा सत्र में स्कूली बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक और गणवेश वितरण की व्यवस्था सहित सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में कहा -गांवों और विकासखंडों को खुले में शौचमुक्त घोषित करने के लिए सावधानी पूर्वक सभी बिन्दुओं का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के दो प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन केन्द्रों जतमई और घटारानी में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। 
 दोनों जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक में गृहमंत्री श्री रामसेवक पैकरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू, संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, संसदीय सचिव श्री गोवर्धन मांझी, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री बृजेश मिश्रा, पर्यटन, संस्कृति और जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री संतोष मिश्रा, पुलिस महा निरीक्षक रायपुर श्री प्रदीप गुप्ता, कलेक्टर महासमुंद श्री उमेश अग्रवाल, गरियाबंद कलेक्टर श्रीमती श्रुति सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्रीमती नेहा चंपावत, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद श्री जितेन्द्र मीणा, जिला पंचायत के महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र मीणा, गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सोनकर सहित जिला स्तरीय तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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