विश्व विरासत दिवस 2018

राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने विश्व विरासत दिवस पर देश-प्रदेश के ऐतिहासिक धरोहरों को सदैव संरक्षण प्रदान करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि विश्व विरासत दिवस, हमारे प्राचीन और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जनता में जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है।

श्री टंडन ने धरोहरों के संरक्षण की अपील करते हुए कहा है कि पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहर इमारतें, साहित्य आदि पूरे राष्ट्र और समाज की पूंजी होती है। हमें इन्हें संरक्षित करने के हरसंभव प्रयास करने चाहिए।

पुलिस परेड ग्राउंड में 69 वें गणतंत्र दिवस पर

नौजवान पीढ़ी पर गणतंत्र कायम रखने की जिम्मेदारी: राज्यपाल श्री टंडन : राजधानी रायपुर में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण

राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन - जीवन परिचय

राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन का जन्म 01 नवंबर 1927 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, लाहौर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात वे निरन्तर सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यो की वजह से श्री टण्डन पंजाब की जनता में काफी लोकप्रिय रहे।

आदिवासी बहुल क्षेत्रों से सेना के लिए चयनित जवान

राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों बस्तर, सरगुजा, कांकेर, कोण्डागांव जिलों से भारतीय सेना के लिए चयनित बीस जवानों ने मुलाकात की। इन जवानों ने राजभवन सचिवालय तथा दरबार हाल आदि का भी अवलोकन किया। राज्यपाल श्री टंडन ने भारतीय सेना के लिए चयनित इन जवानों से मुलाकात के दौरान कहा कि देश की सेवा के लिए सब कुछ देने के लिए तैयार रहें। देश पहले है, उसके बाद अन्य चीजें हैं। देश सुरक्षित है तो सब सुरक्षित है। जहां भी कार्य करें देश और छत्तीसगढ़ का मस्तक हमेशा ऊंचा रखें। उन्होंने इन जवानों तथा उनके परिवारजनों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंन

राज्यपाल ब्रह्मकुमारी योग दिवस आयोजन में

योग के जरिए भारत बनेगा विश्वगुरू: राज्यपाल श्री टंडन : राज्यपाल ने किया प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में तीन दिवसीय योग महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर, 21 जून 2016 - राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने कहा है कि योग दुनिया को भारत की अमूल्य देन है। 21वीं सदी में दुनिया को योग के जरिए उन्नति के रास्ते में ले जाकर, एक दिन फिर से भारत को विश्वगुरू के रूप में दर्जा दिला सकते हैं। राज्यपाल गत दिवस राजधानी रायपुर के प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा शांति सरोवर में आयोजित तीन दिवसीय योग महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।