राजपथ नई दिल्ली छत्तीसगढ़ की झांकी

हमर छत्तीसगढ़ योजना : हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर में भी लहराया तिरंगा
रायपुर. 26 जनवरी 2018 - हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में देश का 69वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री एल.एन. साहू ने यहां ध्वजारोहण किया। इस मौके पर विकास आयुक्त कार्यालय के उपायुक्त श्री दीपक शर्मा, हमर छत्तीसगढ़ योजना के प्रभारी अधिकारी श्री अजय श्रीवास्तव एवं श्री दिनेश अग्रवाल सहित योजना में काम कर रहे विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् में ध्वजारोहण
रायपुर, 26 जनवरी 2018 - गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतमाता की प्रतिष्ठा के लिए हम सबको तत्पर होना चाहिए। यह पवित्र दिवस है तथा भारतमाता अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करे ऐसा संकल्प और प्रयत्न देशवासियों को करना चाहिए। इस अवसर पर सचिव डॉ. सुरेश शर्मा और सहायक संचालक श्री लक्ष्मण साहू ने उद्बोधन दिया। इस अवसर पर विद्यामण्डलम् के सभी अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित थे।

रामगढ़ की प्राचीन नाट्य शाला पर आधारित छत्तीसगढ़ की झांकी ने राजपथ पर बिखेरे अपनी समृ़द्ध प्राचीन संस्कृति के रंग
नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड में
शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी ने दर्शकों का मन मोहा

रायपुर, 26 जनवरी 2018 - गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड में आज नई दिल्ली में राजपथ पर निकली छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश विदेश से आये गणमान्य अतिथियों और लाखों दर्शकों का मन मोह लिया । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित रामगढ़ की पहाडि़यों में स्थित  प्राचीन नाट्यशाला पर आधारित इस झांकी में छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राचीन संस्कृति को प्रदर्शित किया गया था । भारत के राष्ट्र्पति श्री रामनाथ कोविद , प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और आसियान देशों से आये राष्ट्र्ाध्यक्षों ने भी तालियां बजाकर छत्तीसगढ़ की झांकी की सराहना की ।
    झांकी के अगले भाग में विख्यात कवि कालिदास को रामगढ़ की पहाडि़यों में मेघो से आच्छादित आकाश अपने विश्वप्रसिद्ध काव्य ग्रन्थ मेघदूतम की रचना करते दिखाया गया है ।  
झांकी के पिछले भाग में घने जंगलो के बीच रामगढ़ की पहाडि़यों में स्थित 300 ईस्वी पूर्व की प्राचीन नाट्यशाला को दिखाया गया है । नाट्यशाला के मंच पर मेघदूतम की नाट्य प्रस्तुति को दिखाया गया है । इस नाट्य प्रस्तुति को छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया।

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