राजनांदगांव राज्योत्सव, जनसंपर्क विभाग फोटो प्रदर्शनी

विकास प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केन्द्र, लोगों को मिल रही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी

राजनांदगांव 04 नवंबर 2011 - राज्योत्सव 2011 के उपलक्ष्य में शासन की सभी विभागों द्वारा स्टेट स्कूल मैदान पर अपने-अपने विभागों के कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की जानकारी देने के लिये आकर्षक व रंगारंग प्रदर्शनी लगाई गई है । प्रदर्शनी देखने के लिये लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है । सभी विभागों ने बड़े ही रोचक ढंग से  शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिये फ्लैक्स-पोस्टर-बैनर और जीवंत मॉडल का प्रदर्शन किया है । एक दशक के विकास पर आधारित यह प्रदर्शनी भव्य और आकर्षक  है । इसके माध्यम से लोगों को रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है ।
    स्टेट स्कूल मैदान में जनसंपर्क विभाग द्वारा आकर्षक फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है । इसके माध्यम से जिले में हुए विकास कार्यों, जिले की विशेषताओं और सामाजिक सरोकार को फोटो चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है ।  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जिले में पुल-पुलिया और सड़कों का निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बस्तर संभाग के नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, आंगनबाड़ी में पूरक-पोषण आहार की व्यवस्था, निर्धन परिवार की कन्याओं का सामूहिक विवाह, शिवनाथ नदी बचाव अभियान में जनभागीदारी, रानी सागर, चौपाटी  और ऊर्जा उद्यान का विहं्गम दृश्य प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण है ।
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं जननी सुरक्षा कार्यक्रम की जानकारी बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत की गई है । कृषि विभाग की भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है । विभाग ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं का जीवंत प्रदर्शन  किया है । कृषि विभाग द्वारा उन्नत किस्म के बीज, कल्चर, जैविक खाद, डीजल, केरोसीन पंप, लोलिप पंप एवं कृषि के उपयोग में आने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों सहित पावर टीलर, रोटोवेटर आदि का प्रदर्शन किया गया है। रायोत्सव मेला स्थल पर कृषि विभाग द्वारा लघु धान्य फसल कोदो के मूल्य संवर्धन एवं इससे बनने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से जनसामान्य को अवगत कराने के लिए रेस्टोरेंट जैसा भव्य स्टॉल लगाया गया है।  यहां मात्र 10 रुपए मूल्य पर जनसामान्य को कोदो का बना हलुआ, खीर, दोसा, इटली सहित अन्य खाद्य सामाग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस स्टॉल में लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बैठकर नाश्ता करने के लिए सोफा-टेबल और पंखे भी लगाए गए हैं। इस स्टॉल में बड़ संख्या में लोग पहुंचकर रियायती दर पर कोदो के व्यंजन का जायका ले रहे हैं।
    राज्योत्सव में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मुर्गीपालन, बकरीपालन, टर्कीपालन, विशिष्ट प्रजाति के बटेर एवं बतख के पालन सहित पशुचारा उत्पादन का जीवंत प्रदर्शन किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग की प्रदर्शनी में शिक्षित बेरोजगार युवक ज्यादा रूचि ले रहे हैं। विभाग द्वारा युवाओं को मुर्गीपालन, बकरीपालन व बटेर पालन के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन का प्रदर्शन किया गया है। जिला पुरातत्व संग्रहालय द्वारा जिले के इतिहास और संस्कृति तथा पुरातात्विक स्थलों का प्रदर्शन फोटो के माध्यम से किया गया है। राज्योत्सव में जलसंसाधन संभाग राजनांदगांव एवं छुईखदान द्वारा संयुक्त रूप से  विभागीय उपलब्धि जानकारी दी गई है। फ्लैक्स-बैनर के माध्यम से सिंचाई जलाशयों एवं योजनाओं का प्रदर्शन किया गया है।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री का प्रदर्शन किया गया है। उद्यानिकी, हाथकरघा, ग्रामोद्योग, लोक निर्माण, सेतु संभाग, शिक्षा, परिवहन एवं विभाग द्वारा भी विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई है ।

 
गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव पुरस्कार वर्ष 2011 के लिए आवेदन 25 नवंबर तक

  अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की पारंपरिक लोककला, लोक गायन , लोक नृत्य और लोक वाद्य में कलाकारों की प्रतिभा की पहचान करने और उन्हे पुरस्कृत करने के लिए 18 दिसंबर से 31 दिसंबर 2011 तक आयोजित होने वाले गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव वर्ष 2010 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित किये गये हैं। गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव के लिए आवेदन  25 नवंबर 2011 को अपरान्ह 5 बजे तक जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में जमा किये जा सकते हैं।
    आयुक्त आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास विभाग छत्तीसगढ शासन रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की पारंपरिक लोक कला, लोक गायन, लोक नृत्य जैसे- पंथी नृत्य, पंडवानी, भरथरी अनुसूचित जाति वर्ग के लोक वाद्य में कलाकारों की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत करना है। आवेदन में अनुसूचित जाति लोक कला दल का पूर्ण विवरण, अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में पारंपरिक लोककला, लोक गायन, लोक नृत्य के माध्यम से चेतना जागृत करने और सामाजिक उत्थान के लिए यदि कार्य किये गये हो तो उसका विवरण, उत्कृष्ट कार्य से संबंधित लेख प्रकाशित हुआ हो तो उसकी छायाप्रति संलग्न करना होगा। सामाजिक चेतना जागृति करने और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में कोई प्रख्यात व्यक्ति या पत्र-पत्रिका द्वारा टिप्पणी की गई हो तो उसकी सत्यापित प्रति आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक है।
    गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव 2011 में नर्तक दल को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रुप में 50 हजार रुपये प्रदान किये जायेंगें। गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव वर्ष 2011 के लिए प्रत्येक जिले से  प्राप्त प्रविष्टियों में से राय स्तरीय स्पर्धा में शामिल करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति परीक्षण कर चयन करेगी या जिला स्तर पर प्रतियोगिता कराने के पश्चात दो प्रविष्टि राय स्तर के लिए भेजी जाएगी। जिला स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ दलों को राय स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था विभाग के द्वारा की जाएगी। राज्य स्तर पर गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव 2011 में शामिल प्रथम तीन दल को छोडकर शेष दलों को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जायेगा।  गुरुघासीदास लोक कला महोत्सव वर्ष 2011 का आयोजन 18 दिसंबर से 31 दिसंबर 2011 के मध्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय में कार्यालयीन दिवसों में संपर्क किया जा सकता है।

57वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा स्पर्धा 6 से
 स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 57वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 6 नवम्बर से 10 नवम्बर तक नगर में खेली जाएगी। स्पर्धा में देश के 25 राज्यों से अधिक टीमें हॉकी व बास्केटबॉल में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। रायों की टीमों के आने का क्रम प्रारंभ हो चुका है। आयोजित समिति तैयारियाें को अंतिम रूप देने में लगी है।
    जिला शिक्षा अधिकारी श्री आरसी पाण्डव ने बताया कि भारतीय स्कूल गेम्स फेडरेशन के द्वारा छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को दिए गए खेल आयोजन के तहत राजनांदगांव में 6 नवम्बर से 10 नवम्बर तक हॉकी 17 वर्ष बालक, बालिका एवं बास्केटबॉल 14 वर्ष बालक-बालिका की स्पर्धा होना है। स्पर्धा का उद्धाटन 6 नवम्बर को प्रात: 10 बजे दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के पहुंचने का क्रम आज से प्रारंभ हो गया है। मेहमान खिलाड़ियों के आवास व्यवस्था नगर की 18 शैक्षणिक संस्थाओं में की गई है। इसके अलावा सांई हास्टल में भी टीमों के रूकवाने की व्यवस्था की जा रही है, जिसके संबंध में आवास स्थल वाली शालाओं के प्राचार्य और प्रभारियों से शाला में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के साथ ही अच्छी से अच्छी व्यवस्था देने का निर्देश दिया गया है। पेयजल, विद्युत व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। आवास स्थलों व मैदानों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है।  

 
पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता भर्ती दावा-आपत्ति 8 तक

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव द्वारा जिले में 35 पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संविदा भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके तहत प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है । यह सूची राजनांदगांव जिले के वेबसाईट पर भी उपलब्ध है। प्रावधिक सूची के संबंध में यदि किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति हो तो वह लिखित में प्रमाण सहित अपनी दावा-आपत्ति 8 नवम्बर तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।      

मुख्यमंत्री द्वारा लघु धान्य प्रोत्साहन पुस्तिका का विमोचन
कोदो की खेती व व्यंजन के बारे में उपयोगी जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा 2 नवम्बर को स्टेट स्कूल मैदान में रायोत्सव के शुभारंभ अवसर पर लघु धान्य प्रोत्साहन द्वारा पोषण सुरक्षा योजनांतर्गत कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस पुस्तिका में लघु धान्य फसल जैसे कोदो-कुटकी की खेती की तकनीक, इसके औषधीय गुण तथा इससे बनने वाले सुगर-फ्री व्यंजन के बारे में उपयोगी जानकारी दी गई है ।
    शासन द्वारा जिले में लघु धान्य फसलों को प्रोत्साहित करने का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।  कृषि विभाग द्वारा जिले के मानपुर-मोहला-चौकी एवं छुरिया के वनांचल इलाकों में जहां कोदो-कुटकी की परंपरागत खेती होती थी। वहां इस कार्यक्रम को प्रथम चरण में शुरू किया गया है। किसानों को कोदो-कुटकी की आधुनिक खेती करने के साथ ही उन्हें इसके मूल्य संवर्धन की भी जानकारी कृषि विभाग द्वारा दी जा रही है। इन इलाकों में कोदो की प्रदर्शनी खेती भी कृषि विभाग द्वारा की जा रही है। राजनांदगांव जिले को कोदो-कुटकी की खेती के रूप में प्रदेश का अग्रणी जिला बनाने के उद्देश्य से चयनित कृषकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण् एवं मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। कोदो-कुटकी की खेती को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा लघु धान्य प्रोत्साहन पर आधारित पुस्तिका का भी प्रकाशन किया गया है। इस पुस्तिका में कोदो की खेती एवं इससे बनने वाले व्यंजन व लाभ के बारे में भी उपयोगी जानकारी दी गई है । उपसंचालक कृषि ने बताया कि कोदो-कुटकी में अच्छे पोषक तत्व विद्यमान होते हैं। इसमें लौह, कैल्शियम, जिंक, रेसा व प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है। इसकी वजह से इससे कई उच्च गुणवत्ता वाले पदार्थ तैयार किए जाते हैं। इनकी खेती सस्ती व आसान है। पोषक तत्व के आधार पर कोदो-कुटकी मुख्य अनाज के समकक्ष या उससे भी अच्छी होती है। डायबिटीज के मरीज को शर्करा के नियंत्रण में सहायता करते हैं। डायबिटीज मरीज के लिए कोदो-कुटकी बहुत सहायक खाद्य पदार्थ है। कृषि विभाग द्वारा रायोत्सव पर कोदो-कुटकी के व्यंजन  को प्रोत्साहित तथा इसके मूल्य संवर्धन के लिए रेस्टोरेंट जैसा भव्य स्टॉल लगाया गया है। यहां रियायती दर पर लोगों को कोदो से बनी खीर, हलुआ, दोसा, इटली आदि व्यंजन गरमा-गरम नाश्ते के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।

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