राजनांदगांव में योजनाओं की समीक्षा बैठक

उज्ज्वला योजना में 85 हजार महिलाओं को मिला रसोई गैस कनेक्शन, मनरेगा में 4.87 लाख श्रमिकों को रोजगार

रायपुर, 06 मई 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस बात पर खुशी जताई कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राजनांदगांव जिले में लगभग 86 हजार गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही जिले में सौर सुजला योजना के तहत 756 किसानों के खेतों में अत्यंत कीफायती मूल्य पर सोलर सिंचाई पंप लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री आज रात जिला मुख्यालय राजनांदगांव कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। डॉ. सिंह लोक सुराज अभियान के तहत वहां पहुंचे थे। 
उन्होंने जिले में मनरेगा के तहत करीब चार लाख 87 हजार श्रमिकों को रोजगार मिलने की जानकारी मिलने पर भी खुशी जताई। बैठक में बताया गया कि इनमें से चार लाख 24 हजार के लगभग श्रमिकों के बैंक खातों को आधार नम्बरों से जोड़ा जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। डॉ. सिंह ने कहा - राजनांदगांव जिले का ग्रामीण क्षेत्र खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुका है, अब जिले के शहरी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल करते हुए इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) तक सम्पूर्ण जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करवाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इसके लिए जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर जनता में जागरूकता लाने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में संचालित शासकीय मेडिकल कॉलेज में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों से कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को मिले इसके लिए जिले में शिविर लगाया जाए। 

बैठक में बताया गया कि इस बार के लोक सुराज अभियान में प्राप्त एक लाख 93 हजार आवेदनों में से एक लाख 75 हजार से ज्यादा का निराकरण हो गया है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री और जिले के प्रभारी श्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्री मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, पर्यटन, संस्कृति और जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री संतोष मिश्रा, जिले के प्रभारी सचिव श्री एम.के. त्यागी, कलेक्टर राजनांदगांव श्री मुकेश बंसल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। 

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