राजनांदगांव

राजनांदगांव में डिजीधन स्व-सहायता प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह और डिजीधन मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया

राजनांदगांव, रायपुर, 14 अप्रैल 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह और डिजीधन मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। 

ऑडिटोरियम में आयोजित डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती

मुख्यमंत्री आज अम्बेडकर जयंती समारोह में शामिल होंगे : डिजी धन मेले में पुरस्कार वितरित करेंगे

13/04/2017
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री करेंगे संबोधित

रायपुर, 13 अप्रैल 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कल 14 अप्रैल को राजनांदगांव में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर सवेरे 11 बजे आयोजित राज्य स्तरीय समारोह एवं डिजी धन मेले में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप करेंगे।

बांधाबाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

छत्‍तीसगढ़ रायपुर, 30 जून 2009 छत्‍तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखंड अम्बागढ़ चौकी स्थित ग्राम बांधाबाजार में स्वीकृत नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए सात पदों का सेटअप स्वीकृत किया गया है।

छत्‍तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज यहां जारी आदेश के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बांधाबाजार के लिए दो चिकित्सा अधिकारी, एक फार्मासिस्ट ग्रेड-दो, एक ड्रेसर, एक नेत्र सहायक, एक एम.पी.डब्ल्यू (महिला) और एक वार्ड ब्वाय का पद स्वीकृत किया गया है।

समझ में आया 'अंधेरे में' कविता का मर्म: डॉ. नामवर सिंह

डॉ. नामवर सिंह ने किया मुक्तिबोध स्मारक और त्रिवेणी संग्रहालय का अवलोकन | रायपुर, 18 जून 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विशेष आमंत्रण पर हिन्दी के सुप्रसिध्द साहित्यकार और समीक्षक डॉ. नामवर सिंह ने आज राजनांदगांव स्थित मुक्तिबोध स्मारक-त्रिवेणी संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय की अभिमत पंजी में लिखा कि इस ऐतिहासिक स्थल को देखने के बाद मुझे मुक्तिबोध जी की अमर कविता 'अंधेरे में' का मर्म समझ में आया। उल्लेखनीय है कि यह स्मारक और संग्रहालय देश के तीन दिग्गज साहित्यकारों स्वर्गीय श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और स्वर्गीय डॉ.