मुख्यमंत्री शामिल हुए गब्दी के समाधान शिविर में

लोक सुराज अभियान का लक्ष्य जनता की समस्याओं का समाधान : डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री शामिल हुए गब्दी के समाधान शिविर में

कहा लोगों समस्याओं का हल ढ़ूढ़ने भटकना नहीं पड़े
प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन ग्रामसभाओं में अनुमोदित कराने का आग्रह

रायपुर, 12 अप्रैल 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम गब्दी में लोक सुराज अभियान के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में कहा कि लोक सुराज अभियान का उद्देश्य जनता और प्रशासन को नजदीक लाकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं का हल ढूढ़ने के लिए भटकना ना पड़े। 
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के अपने आवेदनों का अनुमोदन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती से आयोजित की जा रही ग्राम सभाओं में करा लें। ग्रामसभाओं का आयोजन 14 अप्रैल से 25 अप्रैल तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी संख्या में आवेदन निरंतर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के ही अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का कोटा बढ़ाकर 10 लाख करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक गरीब परिवारों की दस लाख महिलाओं केा रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में इस योजना में  25 लाख रसोई गैस कनेक्शन और दिए जाएंगे। उन्होंने इस योजना के पात्र हितग्राहियों के नाम की सूची ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। गब्दी के शिविर में राजस्व विभाग को प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री ने तहसीलदार और राजस्व कर्मचारियों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने शिविर में ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत निःशुल्क इलाज की सीमा 30 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व, बिजली, पेयजल संबंधी काम के लिए लोगों को भटकना ना पड़े। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्कूलों में शिक्षा और बच्चों के भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण समय-समय पर करने का आग्रह भी किया।

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