मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना

मासूमों को मिली नई जिंदगी

गरियाबंद की पांच वर्षीय अंजली सामान्य बच्चों की तरह ही थी, लेकिन वह दूसरे बच्चों की तरह ना तो खेल पाती और ना ही दौड़ पाती थी। थोड़ा खेलने कूदने पर भी उसकी सासें भर जाती। पहले उनके परिवार वालों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब परेशानी बढ़ती गई तब अंजली को उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। डाक्टरों ने बताया कि उनकी नन्ही अंजली के दिल में सुराख है तो अंजली के पिता श्री अनिल पांचे की आंखों में अंधेरा छा गया, क्योंकि इस बीमारी का मतलब था डेढ़-दो लाख रूपए का खर्च। इतने पैसों का एक मुश्‍त इंतजाम करना श्री पांचे के बस की बात नहीं थी। हर तरफ से निराष श्री पांचे को जब मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के बार

बच्चे हृदय रोग पीड़ा मुक्‍त होंगे

आने वाले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा हृदय रोग से पीड़ित नहीं होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां रायपुर के एस्कॉर्ट अस्पताल में मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि इसके लिए वृहद कार्ययोजना बनाई गई है। अगस्त के पहले सप्ताह से एक विशेष अभियान चलाकर विकासखण्ड स्तर पर हृदय रोग के संभावित बच्चों का प्रारंभिक जांच कर जिला अस्पताल में उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे आपरेशन योग्य बच्चों का पता चल जाएगा।

पीड़ित बच्चों को मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना

एक डॉक्टर की हैसियत से मैं यह महसूस करता हूं कि जीवन में सिर्फ आर्थिक फायदा ही सब कुछ नही है। मन की संतुष्टि सबसे बड़ी चीज है, जो हमें गरीबों और असहाय मरीजों की मदद करने से ही मिल सकती है।' मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के लिए राज्य शासन की मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने योजना के तहत बच्चों के नि:शुल्क ऑपरेशनों के लिए सहयोग प्रदान करने वाले डॉक्टरों को मंच पर अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।