मीठा नमकीन मिलावट में बड़ा जुर्माना, सूरजपुर एक मिसाल

खाद्य कारोबारियों को बड़े जुर्माने से दण्डित किया गया
सूरजपुर 12 दिसंबर 2017 - कलेक्टर श्री के0सी0 देवसेनापति के निर्देशन में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 एस0पी0 वैश्य से प्राप्त जानकारी अनुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनसामान्य के उपभोग के लिए सुरक्षित तथा स्वास्थ्यप्रद खाद्य की उपलब्धता खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् सुनिश्चित की जाती है। इसके लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिले में स्थापित खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण तथा नमूना संकलन का कार्य किया जाता है। जिससे आम उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। प्रयोगशाला परीक्षण में खाद्य नमूना उचित गुणवत्ता के न होने अथवा पैकेट के लेबल में किसी प्रकार की त्रुटि होने की दशा में संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के विरूद्ध न्यायालयीन कार्यवाही की जाती है। वर्ष 2015-16 में सूरजपुर जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा शहर के मेसर्स गोलू स्वीट्स से नमकीन एवं ड्राई समोसा, मेसर्स अमरदीप किराना से उमंग शक्ति बेसन, मेसर्स एस0के0सी0एल0 डेयरी से दूध खाद्य पदार्थ का नमूना लेकर राज्य खाद्य राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला परीक्षण से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उक्त खाद्य पदार्थ निम्न गुणवत्तायुक्त/मिथ्याछाप पाये जाने पर ये सभी प्रकरण न्यायनिर्णयन अधिकारी जिला सूरजपुर के न्यायालय में दर्ज किया गया। निम्न गुणवत्तायुक्त एवं मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के विक्रय को न्यायालय द्वारा जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ एवं अतिसंवेदनशीन मानते हुए अत्यंत गंभीरता से लिया गया एवं संबंधित खाद्य कारोबारियों को बड़े जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय के निर्णय अनुसार मेसर्स गोलू स्वीट्स सूरजपुर को दो प्रकरणों में 50-50 हजार रूपये, मेसर्स अमरदीप किराना सूरजपुर को बीस हजार रूपये तथा मेसर्स एस0के0सी0एल0 डेयरी विश्रामपुर को बीस हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया। न्यायनिर्णयन अधिकारी के इस निर्णय से निश्चित ही जिले के खाद्य कारोबारियों को कड़ा संदेश जाता है कि अनुचित खाद्य सामग्री का विक्रय करके जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कदापि मान्य नहीं होगा। विदित हो कि विभाग द्वारा सभी प्रकार के खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण एवं नमूना लेने की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। प्रतिष्ठान के साफ-सफाई तथा कालातीत खाद्य सामग्री के विक्रय पर विशेष ध्यान दिया जायेगा एवं अनियमितता पाये जाने की स्थिति में संबंधित खाद्य कारोबार का लाईसेंस निरस्त कर उनके विरूद्ध न्यायालयीन एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् प्रशिक्षण हेतु निर्देश जारी किया गया

सूरजपुर 12 दिसंबर 2017/ कलेक्टर श्री के0सी0 देवसेनापति प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों (समस्त ग्रामों) में 14 से 60 वर्ष तक के नागरिकों को सामान्य सेवा केन्द्रों के माध्यम से डिजिटल साक्षर करने एवं उक्त अभियान के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन 02 माह के भीतर करने हेतु जिला स्तर पर निम्नानुसार अधिकारी/कर्मचारियों को आदेशित किया गया है। जिसमें वन मण्डलाधिकारी अपने समस्त लघु वनोपज समितियों एवं वन सुरक्षा समितियों को संबंधित ग्राम पंचायत या निकटतम पी0एम0जी0 दिशा प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण प्रदाय कर सूची इस कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी अपने समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना (कम्प्युटर एवं योग्य प्रशिक्षक) उपलब्ध है, उन स्कूलों की जानकारी ग्रामवार उपलब्ध करावें एवं अन्य स्कूलों जहां आवश्यक अधोसंरचना (कम्प्युटर एवं योग्य प्रशिक्षक) उपलब्ध नहीं उन स्कूलों में अध्ययनरत 14 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थियों को संबंधित ग्राम पंचायत या निकटतम ग्राम पंचायत पी0एम0जी0 दिशा प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण प्रदाय करावें। महिला एवं बाल विकास अधिकारी अपने समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सूची ग्रामवार उपलब्ध करावें एवं उक्त कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं महिला समूहों को संबंधित ग्राम या निकटतम पी0एम0जी0 दिशा प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण प्रदान करावें। खाद्य अधिकारी अपने समस्त राशन दुकान के विक्रेताओं को संबंधित ग्राम या निकटतम पी0एम0जी0 दिशा प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण प्रदान करायेंगे। इसके साथ ही समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अपने समस्त स्व सहायता समूहों, महिला समूहों, जल एवं स्वच्छता समूहों, सहकारी समितियों एवं मछुआरा समितियों के सदस्यों को संबंधित ग्राम या निकटतम पी0एम0जी0 दिशा प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रशिक्षण प्रदाय करायेंगे एवं सामान्य सेवा केन्द्रों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत से 250 हितग्राहियों को प्रशिक्षण प्रदाय कराने के पश्चात् ग्राम पंचायतों से डिजिटल असाक्षर परिवारों की सूची तैयार कर इस कार्यालय में भिजवायें, जिससे हितग्राहियों की प्रशिक्षण प्रदाय कराने हेतु संख्याओं में वृद्धि किया जावेगा।

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