महिला कोष

छत्तीसगढ़ महिला कोष की योजना में 30000 महिला समूह

राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से प्रदेश के 30 हजार 671 महिला स्वसहायता समूहों को विभिन्न रोजगार मूलक व्यवसायों के लिए 60 करोड़ 90 लाख रूपये का ऋण दिलाया जा चुका है। यह राशि उन्हें वित्तीय वर्ष 2003-04 से वर्ष 2016-17 में माह अक्टूबर 2016 तक वितरित की गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को समूहों के लिए ऋण योजना 15 अगस्त 2003 से संचालित की जा रही है।

छत्तीसगढ़ महिला कोष हितग्राही सम्मेलन का उद्धाटन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि निकट भविष्य में ग्राम पंचायतों से लेकर लोक सभा तक देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी होगी। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। इस बीच लोक सभा में भी महिला आरक्षण विधेयक आ चुका है। भविष्य में इन संस्थाओं में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा और यह हम सबकी कानूनी बाध्यता भी होगी। डॉ.

स्व-सहायता समूहों को संचालन और प्रबंधन की जानकारी

स्थानीय शहीद स्मारक भवन में महिला समूहों का सम्मेलन उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। जिसमें जिले के पांच सौ महिला स्व सहायता समूह के कोई पांच हजार सदस्यों ने भागीदारी की। महिलाओं को स्व-सहायता समूह के संचालन, प्रबंधन एवं विपणन के साथ ही कुटीर उद्योग, खेती किसानी, पशुपालन संबंधी जानकारी विस्तार से दी गई। छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण प्राप्त समूहों के सदस्यों के एक दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह द्वारा किया गया।