मंदिर

सौ वर्ष प्राचीन मां भानेश्वरी देवी सिंघोलावासिनी मंदिर

 मुख्यमंत्री ने मां भानेश्वरी सिंघोलावासिनी की पूजा-अर्चना कर शुरू किया ग्राम संपर्क

रायपुर, 14 सितंबर 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव के सिंघोला गांव पहुंचकर ग्राम देवी मां भानेश्वरी सिंघोलावासिनी मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपना ग्राम संपर्क का कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने मां भानेश्वरी से छत्तीसगढ़ की जनता, किसानों, युवाओं सभी की खुशहाली और समृद्धि के लिए करबद्ध प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि सिंघोला का यह मां भानेश्वरी देवी का मंदिर लगभग 100 साल पुराना है और मां भानेश्वरी शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा इसका रखरखाव आदि का काम किया जाता है। 

भगवान झूलेलाल मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह

रायपुर, 13 सितम्बर 2017 - मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से आज यहां उनके निवास कार्यालय पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक और संत श्री साईलाल दास जी, चकरभाटा कैम्प बिलासपुर के नेतृत्व में सिंधी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

उन्होंने मुख्यमंत्री को 21 सितम्बर को चकरभाटा में भगवान झूलेलाल के मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया। इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, प्रकाश जैसवानी, नरेश जैसवानी और विपिन वर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मां जगतारण काली-दुर्गा मंदिर समिति उरला, दुर्ग

मुख्यमंत्री से मंदिर समिति के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात

रायपुर 23 मई 2017 - मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में मां जगतारण काली-दुर्गा समिति उरला, दुर्ग के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि उरला के काली-दुर्गा मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 25 वर्ष आगामी 15 जून को पूरे हो रहे हैं।

नवरात्रि पर दुखद केरल मंदिर हादसा, मंदिरों में आग से सुरक्षा के निर्देश

मुख्यमंत्री ने केरल के मंदिर में भयंकर अग्नि दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया : मृतकों के परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

पुट्टिंगल मंदिर में फटाके आग से १००+ मौत

नई दिल्ली, 10 अप्रैल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अग्निकांड से प्रभावित केरल के मंदिर का दौरा करेंगे।

केरल के कोल्लम स्थित पारावूर के पुट्टिंगल मंदिर में लगी आग के कारण 86 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक लोग घायल हो गए।

मोदी ने ट्वीट किया, “कोल्लम में हुई दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए मैं जल्द ही केरल जाऊंगा।”

तिरुवनंतपुरम से लगभग 60 किलोमीटर दूर पारावूर के पुट्टिंगल मंदिर में यह भीषण आग आतिशबाजी की वजह से लगी।