भू-अर्जन, पुनर्वास के संबंध में कार्यशाला संपन्न

राजस्व सचिव ने अधिनियम की बारीकियों की दी जानकारी

राजनांदगांव 10 अप्रैल 2016 - भू-अर्जन अधिनियम, पुनर्वास, व्यवस्थापन, पादर्शिता एवं उचित प्रतिकर अधिनियम के संबंध में शनिवार 9 अप्रैल को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राजस्व सचिव श्री केआर पिस्दा एवं संयुक्त सचिव श्री जी निहलानी के द्वारा अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए संशयों का समाधान किया गया। बैठक में कलेक्टर श्री मुकेश बंसल, एडीएम श्री संजय अग्रवाल सहित सभी एसडीएम एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
    बैठक में राजस्व सचिव श्री पिस्दा एवं संयुक्त सचिव श्री निहलानी के द्वारा भू-अर्जन पुनर्वास, पुर्नव्यवस्थापन, पारदर्शिता एवं उचित प्रतिकर अधिनियम 2013 के संबंध में जानकारी दी गई। यह अधिनियम 1 जनवरी 2014 से लागू हो गई है। राजस्व सचिव श्री पिस्दा ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत पुनर्वास, पुर्नव्यवस्थापन, पारदर्शिता काफी महत्वपूर्ण है। उन्होने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत भू- अर्जन किये जाने पर भूमि स्वामी को भूमि को दुगुनी राशि प्राप्त होगी। जमीन एवं जमीन की परिसम्पत्तियों को मिलाकर दुगुना मुल्य दिया जायेगा। राजस्व सचिव ने पावर पाईंट प्रजेटेशन के माध्यम से सामाजिक समाघात अध्यापन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने सामाजिक समाघात की रिपोर्ट के अंतर्गत आने वाली धारा (5) की भी जानकारी दी। उन्होने बताया कि सामाजिक समाघात के निर्धारण के लिए जन सुनवाई भी की जायेगी। राजस्व सचिव श्री पिस्दा ने अधिनियम की उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि भूमि अर्जन के पश्चात समाज को क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होने बताया कि भू-अर्जन करते समय लाभ एवं हानि का भी तुलनात्मक अध्ययन किया जायेगा। भू-अर्जन से क्षति ज्यादा होने पर भू-अर्जन नहीं किया।

जन सुनवाई की तिथि कलेक्टर के द्वारा निर्धारण किया जायेगा। श्री पिस्दा ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत सामाजिक सामाघात हर मामले में करना ही होगा। राजस्व अधिकारियों इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। उन्होने बताया कि इसमें अंतर्गत बहुफसलीय एवं सिंचित भूमि का बिल्कुल भी भू-अर्जन नहीं करना है। बैठक में एसडीएम मोहला श्री अजीत बसंत, सहायक कलेक्टर कुंदन कुमार, एसडीएम खैरागढ़ पीएस धु्रव, एसडीएम राजनांदगांव श्री लोकेश चंद्राकर, एसडीएम डोंगरगांव श्री भोई, लोक निर्माण, जिला व्यापार एवं उद्योग ग्रामीण सेवा यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दी