भारी बारिश के बाद जम्मू एवं कश्मीर में बाढ़ त्रासदी

भारतीय सेना हर हालात से निपटने में सक्षम : मुख्यमंत्री

10/09/2014 - भारी बारिश के बाद जम्मू एवं कश्मीर में आए त्रासदी में फसें लोगों को भारतीय थलसेना, वायुसेना और एनडीआरएफ की टीम के द्वारा सकुशल रेस्क्यू कर अपने अदम्य साहस का परिचय देने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बचाव कार्य में लगे जवानों को उनके बेहतर कार्य के लिए शुभकामनाएं दी है और कहा कि भारतीय सेना हर हालात से निपटने के लिए तैयार है, इसके लिए जवानों को स्थानीय लोगों से सहयोग प्रदान करने की अपील की।

छत्तीसगढ़ सरकार जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को देगी 10 करोड़ की सहायता राशि

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारीयों के साथ बैठक में की घोषणा, मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के लिए दिया एक दिन का वेतन 
सभी अधिकारी-कर्मचारियों से बाढ़ पीड़ितों के लिए एक-एक दिन का वेतन देने की अपील, छत्तीसगढ़वासियों से भी अंशदान के लिए आगे आने का आव्हान

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दस करोड़ रूपए की सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि जम्मू-कश्मीर सरकार से चर्चा कर नगद राशि और वस्तु के रूप में दी जाएगी। डॉ. रमन सिंह ने आज रात राजधानी रायपुर में अपने निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया।
डॉ. सिंह ने बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक विपदा से उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में टेलीफोन पर बातचीत की और छत्तीसगढ़ की ओर से मदद की पेशकश की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। डॉ. रमन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला से भी सेटेलाइट फोन पर सम्पर्क कर उन्हें छत्तीसगढ़ की ओर से नगद राशि और वस्तु के रूप में सहायता देने की पेशकश की। श्री अब्दुल्ला ने डॉ. सिंह का आभार मानते हुए उनसे छत्तीसगढ़ के चावल की गुणवत्ता को देखते हुए एक रैक चावल भेजने का आग्रह किया। डॉ. सिंह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के आग्रह को तुरंत स्वीकार करते हुए  बैठक में मौजूद अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अपने एक दिन का वेतन देने का भी निर्णय लिया। उन्होंने प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बाढ़ पीड़ितों के लिए एक-एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने की अपील की। डॉ. सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे प्राकृतिक संकट की इस घड़ी में जम्मू-कश्मीर के लोगों की मदद के लिए खुले दिल से आगे आए और इसके लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सहायता कोष में चेक के रूप में अधिक से अधिक अंशदान करें। नागरिक अपना अंशदान मुख्यमंत्री सहायता कोष, मुख्यमंत्री सचिवालय, छत्तीसगढ़ शासन मंत्रालय (महानदी भवन) नया रायपुर के पते पर भेज सकते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में अलग से बैंक खाता भी खोला जा रहा है।
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की सहायता के लिए अपना एक दिन का वेतन दान करने का निर्णय लिया है।

बाढ़ पीड़ित जम्मू-कश्मीर के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने खोला अलग से राहत कोष एकाउंट

बाढ़ पीड़ित जम्मू-कश्मीर के लिए , छत्तीसगढ़ सरकार ने खोला अलग से राहत कोष एकाउंट , मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लोगों से की उदारतापूर्वक अंशदान की अपील, भारतीय स्टेट बैंक मंत्रालय शाखा में खोला गया है एकाउंट

रायपुर, 12 सितम्बर 2014/ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में जम्मू कश्मीरों के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भारतीय स्टेट बैंक में अलग से खाता खोला गया है।  यह खाता मुख्यमंत्री सहायता (जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत) कोष के नाम से है। इस खाते का एकाउंट नम्बर-3418440864-2 है। सहायता राशि देने के इच्छुक नागरिक इस एकाउंट नम्बर पर राशि छत्तीसगढ़ राज्य मंे स्थित भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी शाखा में जमा कर सकते हैंे। इसके अलावा नागरिक अपने चेक अथवा बैंक ड्राफ्ट ‘मुख्यमंत्री सहायता (जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत) कोष’ के नाम से बनवाकर अवर सचिव, मुख्यमंत्री सहायता कोष, मुख्यमंत्री सचिवालय, मंत्रालय (महानदी भवन) नया रायपुर (छत्तीसगढ़) के पते पर पंजीकृत डाक अथवा स्पीड पोस्ट से भी भेज सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वयं अपने एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक विपदा पीड़ित लोगों की मदद के लिए उदारतापूर्वक अपने एक दिन का वेतन देने की अपील की है। डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सहृदय नागरिक और अधिकारी तथा कर्मचारी नया रायपुर स्थित मंत्रालय में ‘मुख्यमंत्री सहायता (जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत) कोष’ के लिए अधिक से अधिक अंशदान करें। डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को दस करोड़ रूपए की मदद अलग से देने का भी निर्णय लिया है, जिसमें पांच करोड़ रूपए नगद और पांच करोड़ रूपए वस्तु के रूप में शामिल है। 

मुख्यमंत्री ने की घोषणा : जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को छत्तीसगढ़ से दस हजार सोलर लैम्प

12/09/2014 ट्रांसफार्मर और बिजली के अन्य उपकरण भी देगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दस हजार सोलर लैम्प सहित बिजली के ट्रांसफार्मर और अन्य जरूरी विद्युत उपकरण भेजने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावितों के लिए दस करोड़ रूपए की सहायता का ऐलान पहले ही कर चुके हैं, जिसमें पांच करोड़ रूपए नकद और पांच करोड़ अनाज के रूप में शामिल है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) की बैठक में जम्मू कश्मीर को दस हजार सोलर लैम्पों के अलावा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति नियमित बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ से ट्रांसफार्मर और अन्य जरूरी उपकरण भी भेजने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा के अधिकारियों से भी कहा कि सोलर लैम्प भेजने की व्यवस्था जल्द की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रेडा की पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों सहित इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक विभिन्न योजनाओं में किए गए कार्याें की भी समीक्षा की।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2013-14 में आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों के चार लाख 40 हजार 582 परिवारों को निःशुल्क सोलर टास्क लैम्प और दो लाख 44 हजार 283 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क सोलर स्टडी लैम्प दिए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम चार माह में अप्रैल से जुलाई 2014 तक एक हजार 146 परिवारों को सोलर टास्क लैम्प और तीन हजार 832 छात्र-छात्राओं को सोलर स्टडी लैम्प का वितरण किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2013-14 में राज्य के 251 प्राथमिक और सामुदायिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम चार महीने में अप्रैल से जुलाई तक 60 स्वास्थ्य केन्द्रों में बिजली के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई गई है। इसके अलावा विगत सोलह महीने में अप्रैल 2013 से जुलाई 2014 तक प्रदेश के 97 आदिवासी छात्रावासों तथा 110 गांवों का भी सौर ऊर्जा से विद्युतीकरण किया जा चुका है। इसी अवधि में प्रदेश में दो हजार 663 सोलर पम्प भी स्थापित किए गए हैं।

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