बारिश

खरीफ कृषि आदान व्यवस्था बारिश पूर्व समीक्षा

खेती किसानी मानसून पर सरकारी तैय्यारी - सोसायटी स्तर पर बारिश के पहले सुनिश्चित करें खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण : डॉ. रमन सिंह

स्वाइल हेल्थ कार्ड की अनुशंसा के अनुसार हो उर्वरकों का उपयोग

किसानों को शून्य ब्याज दर पर अब तक वितरित किया गया 1407 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण 

मुख्यमंत्री ने की खरीफ कृषि आदान व्यवस्था की समीक्षा 

नारायणपुर में खुलेगा नवीन कृषि महाविद्यालय और राजनांदगांव में नवीन वेटनरी पॉलिटेक्निक 

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में कुल कृषि क्षेत्र का 49 प्रतिशत क्षेत्र शामिल

आया मानसून, होगी जल्दी बारिश, करें तैयारी

मानसून के जल्द आने का अनुमान : किसानों को खरीफ मौसम की खेती के लिए जरूरी प्रारंभिक तैयारी करने की सलाह : खाद-बीज की अग्रिम व्यवस्था करने से समय पर बोनी करने में होती है सहूलियत
रबी फसलों के कच्चे अवशेषों को खेतों की जोताई कर जमीन में दबाने का सुझाव

छत्तीसगढ़ मानसून बारिश

धान की कम अवधि की किस्में ही लगाएं किसान
छत्‍तीसगढ़ रायपुर, 02 जुलाई 2009 - छत्तीसगढ़ में मानसून की बारिश होते ही खेतों में बीज बोवाई का काम शुरू हो गया है। प्रदेश की प्रमुख फसल धान की खुर्रा बोनी के साथ-साथ रोपा पध्दति और मेडागास्कर विधि से खेती के लिए किसानों ने नर्सरी लगाना भी शुरू कर दिया है।

मानसून में देरी और वर्षा की अनिश्चित्ता को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को किसी भी स्थिति में लंबी अवधि की धान की किस्में जैसे-स्वर्णा, एम.टी.यू.-1001, मासूरी आदि नहीं लगाने की सलाह दी है।