बागवानी उत्पादन हेतु किरणन सुविधाएं? भोजन में आण्विक? भारत में खाद्य पदार्थों के कितने विकिरण केंद्र हैं?

बागवानी याने फूल फल सब्जी आदि जो हम अपने भोजन में इस्तेमाल करते हैं। सरकार फल सब्जी आदि बागवानी उत्पाद के किरणन / विकिरणीकृत करने की व्यवस्था किसानों के के हित में करती है. 

भोजन में आण्विक / आणुविक किरण? भारत में खाने की वस्तुओं को परमाणु विकिरण देने वाले कितने केंद्र हैं?
क्या आप जानते हैं भोज्य पदार्थों का किरणीयन किया जाता है? चलिए थोड़ा सरल शब्दों में बात करें।
आपने रेडिएशन सुना होगा। यह अणु और परमाणु प्रौद्योगिकी से संबंधित है। अंग्रेजी भाषा का शब्द है रेडिएशन, इससे बना है इर्रेडिएशन जिसका मतलब होता है किरणीयन अर्थात किरनीकृत करना।
क्या आप सोच सकते हैं कि आपके खाने में परमाणु विकिरण व्यवस्थित तौर पर दिया जाता है? और यह खाने को याने भोज्य पदार्थों को स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए किया जाता है। इस तरह के परमाणु विकिरण देने वाले शासकीय केंद्र नियत है।

भारत में बागवानी उत्पादन की बहुत पैमाने पर है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) रेडियेशन याने किरणन द्वारा बागवानी,खाद्य और कृषि उत्पादों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान एवं विकास कार्य में लगा हुआ है। 

भाभा परमाणु केंद्र ने दो प्रौद्योगिकी प्रदर्शन इकाइयां स्थापित की हैं। पहली वर्ष 2000 में वाशी, नवी मुंबई में उच्च मात्रा विकिरण के लिए चालू की गई थी और दूसरा किरणन केंद्र सन 2002 में, कम खुराक वाले विकिरण के लिए महाराष्ट्र प्रदेश में नाशिक के पास लासलगांव में कृषक याने कृषि उत्पादन संरक्षण केंद्र की सुविधा स्थापित है। लासलगांव सस्ते प्याज के लिए विश्व प्रसिद्द है। 

बागवानी उत्पादन को टिकाऊ बनाने के लिए उच्च और निम्न मात्र की किरणन सुविधा विकिरण एवं समस्थानिक प्रौद्योगिकी मंडल ब्रिट (बोर्ड ऑफ रेडियेशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी, बीआरआईटी) द्वारा संचालित की जा रही है।

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