पढ़ने में सिरमौर बस्तर, पुस्‍तक वाचन वर्ल्ड रिकार्ड

Book reading crown Bastar, Pustak Vachan Book Reading World Record

बस्तर ''गिनीज और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड'' में भी दर्ज होने हुआ अग्रसर
राजधानी रायपुर और सर्वाधिक साक्षर राजनांदगांव और औद्योगिक जिलों को पछाड़ा
छत्तीसगढ़ राज्य का आदिवासी बहुल बस्तर, अनेक विपरीत परिस्थितियां
छत्तीसगढ़ राज्य में ''पुस्तक वाचन दिवस''
छत्तीसगढ़ के 80 लाख 54 हजार 395 लोगों ने 2 करोड़ 1 लाख 27 हजार 600 पुस्तकें पढ़ी
छत्तीसगढ़ राज्य भारत और अविभाजित मध्यप्रदेश में कभी पिछड़े और फिसड्डी कहे जाने वाले बस्तर ने दुनिया के पढ़े लिखे और विकसित देशों से अच्‍छा पुस्‍तक वाचन उत्‍सव मनाया.
पूरी दुनिया में नम्बर वन बना बस्तर

जगदलपुर 28 सितम्बर 2007 - पुस्तक पढ़ने में समूचे छत्तीसगढ़ राज्य में सिरमौर बना आदिवासी बहुल बस्तर जिला छत्तीसगढ़ के साथ ही ''गिनीज और लिम्का बुक वर्ल्ड रिकार्ड'' में भी रेखांकित और दर्ज होने के लिए अग्रसर हो रहा है।

       गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितम्बर 2007 के दिन छत्तीसगढ़ राज्य में ''पुस्तक वाचन दिवस'' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया था। इस दिन छत्तीसगढ़ राज्य के 80 लाख 54 हजार 395 लोगों ने 2 करोड़ 1 लाख 27 हजार 600 पुस्तकें पढ़कर पूरी दुनिया में सर्वाधिक पुस्तकें पढ़ने का कीर्तिमान रचा। इस स्थापित कीर्तिैमान में बस्तर जिला जो साक्षरता में छत्तीसगढ़ राज्य में 15 वां स्थान होने के बावजूद पुस्तक वाचन दिवस 8 सितम्बर 2007 के दिन 5 लाख 73 हजार 760 लोगों के पुस्तक पढ़ने के निर्धारित लक्ष्य के विरूध्द 6 लाख 17 हजार 775 लोगों ने विभिन्न विषयों की 28 लाख     49 हजार 192 किताबें पढ़कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। पुस्तक पढ़ने वाले इन वाचकों ने पुस्तक वाचन दिवस में हिस्सा लेकर 107.67 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त की। इसी तरह पूरे राज्य में बस्तर जिले के नागरिकों ने सर्वाधिक संख्या में भी पुस्तकें पढ़कर लक्ष्य के विरूध्द 496.58 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की और सम्पूर्ण प्रदेश में सर्वाधिक पुस्तकें पढ़ने में भी पहला स्थान प्राप्त किया।

एक ओर जहां छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों ने यह विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है, वहीं इस कीर्तिमान को रचने के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर जिले ने पुस्तक पढ़ने के काम में न केवल छत्तीसगढ़ राज्य में वर्चस्व कायम किया, अपितु इस राज्य और अविभाजित मध्यप्रदेश में कभी पिछड़े और फिसड्डी कहे जाने वाले बस्तर ने दुनिया के पढ़े लिखे और विकसित कहे जाने वाले ब्रिटेन और अमेरिका के फ्लोरिडा में क्रमश: वर्ष 2001 और वर्ष 2003 में सामूहिक रूप से पढ़ी गयी पुस्तक और कविता के ''रिकार्ड'' को भी तोड़ डाला है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2001 में ब्रिटेनिका में रचनाकार ''वड्र्स-वर्थ'' की ''डेफोडिल्स'' कविता को 2 लाख लोगों ने एक साथ पढ़ा था। इसी तरह अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत में गवर्नर जेब बुश ने वर्ष 2003 में स्वयं तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ''जस्ट रीड फ्लोरिडा'' नामक पुस्तक का वाचन कर कीर्तिमान कायम किया था। शतप्रतिशत साक्षर और विकसित देश अमेरिका एवं ब्रिटेन में इसे उत्सव के रूप में मनाया  गया था। वैसे ही और कई मायने में उससे भी बेहतर उत्सव छत्तीसगढ़ में मनाया गया और करोड़ों किताबें पढ़कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बहुल बस्तर जिले की जनसंख्या 13 लाख 6 हजार 673 है। वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक यहां की साक्षरता 43.91 प्रतिशत है। वर्ष 2007 की अनुमानित 14 लाख    46 हजार 226 की जनसंख्या के हिसाब से यहां की साक्षरता 57 प्रतिशत आकलित है। वर्ष 2001 की जो 43.91 प्रतिशत की साक्षरता दर में जहां साक्षरों की संख्या 5 लाख 73 हजार 760 आकलित है, वहीं वर्ष 2007 की 57 प्रतिशत साक्षरता दर के आधार पर साक्षरों की संख्या 8 लाख 14 हजार 349 है।

यदि हम इन आंकड़ों पर गौर करें  तो इससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर जिले में अनेक विपरीत परिस्थितियां होने के बावजूद न केवल सम्पूर्ण प्रदेश में राजधानी रायपुर और सर्वाधिक साक्षर राजनांदगांव जिले के अलावा रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और दुर्ग जैसे औद्योगिक जिलों को पछाड़ते हुए बस्तर ने पुस्तक पढ़नें में पहला स्थान अर्जित किया है।

हिन्दी