प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना श्रोत व्यक्तियों, मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ : आदर्श ग्राम योजना प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि का परिचायक: श्री केदार कश्यप

रायपुर, 14 सितंबर 2017 - आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज यहां ठाकुर प्यारे लाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। राज्य श्रोत व्यक्तियों तथा मास्टर ट्रेनर्स का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कल 15 सितम्बर तक चलेगा।
श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना गांवों के व्यवस्थित विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि का परिचायक है। यह योजना उन गांवों के विकास के लिए है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या अनुसूचित जाति की है। छत्तीसगढ़ में ऐसे कुल 1052 गांव हैं। यह योजना प्रदेश के 5 जिलों बेमेतरा, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा तथा बलौदाबाजार में लागू हो रही है। वर्तमान में चयनित 175 ग्रामों में से प्रथम चरण में 100 गांवों में कार्य चल रहा है। द्वितीय चरण में 75 ग्रामों में काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा 328 अन्य ग्रामों को चिन्हांकित कर केन्द्र सरकार पत्र भेजा गया है।
श्री कश्यप ने बताया कि इस योजना के तहत एक गांव के विकास के लिए 20 लाख रूपए केन्द्र से, 20 लाख रूपए राज्य से और केन्द्र से पुनः पांच लाख रूपए इस प्रकार टॉपअप के रूप में कुल 45 लाख रूपए मिलता है। श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस राशि का सही उपयोग चयनित गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए करें। गांवों में बेहतर शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, नाली, स्वच्छता, सड़क आदि की समुचित व्यवस्था हो सके। गांवो के विकास की ऐसी योजना बनाएं कि सामाजिक आर्थिक समस्या दूर हो सके। इन गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं का विकास हो। पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए दुकानों का निर्माण किया जा सकता है। नये तालाबों के निर्माण एवं सिंचाई सुविधाओ के विकास के साथ-साथ वृक्षारोपण आदि को प्राथमिकता दी जाए। गांवों में सामुदायिक भवनों का भी निर्माण किया जा सकता है। इन गांवों को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पैसों का उपयोग उन क्षेत्रों के लिए  करना है, जहां खासकर कोई और अन्य योजना से काम न हो रहा हो।
प्रशिक्षण में आदिम जाति विकास विभाग के संबंधित जिलों के सहायक आयुक्त, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उप अभियंता, सचिव ग्राम पंचायत एवं विकास विस्तार अधिकार शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण में इन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के उचित क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा इन प्रशिक्षणार्थियों को आदर्श ग्राम चर्रा का भ्रमण भी कराया जाएगा। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के संचालक श्री जी.आर. चुरेन्द्र, उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रशिक्षण श्री संजय गौड, प्रभारी अधिकारी श्री एन.आर. देवांगन, संकाय सदस्य श्री आनंद गुरू दीवान सहित प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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