पनखत्ती में बड़े भैय्या बने मुख्य मंत्री

तालाब की मेड़ पर मुख्यमंत्री की चौपाल : मौके पर गहरीकरण के कार्य का निरीक्षण और मजदूरों से बातचीत

अधिकारियों को क्षतिग्रस्त नहर मरम्मत के निर्देश, पीपरछेड़ी में सामुदायिक भवन, सी.सी.रोड, तालाब में निस्तारी के लिए नलकूप खनन की मंजूरी

रायपुर, 03 मई 2017 - प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज हेलीकॉप्टर से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पीपरछेड़ी (विकासखंड कसडोल) अचानक पहुंचे। उन्होंने वहां ‘पनखत्ती’ सिंचाई तालाब की मेड़ पर इमली पेड़ की छांव में चौपाल लगायी और तालाब में मनरेगा के तहत चल रहे गहरीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया। डॉ. सिंह ने तालाब गहरीकरण में लगे पुरूष और महिला मजदूरों से बातचीत की और उनके मस्टर रोल को भी देखा। प्रदेश के मुखिया को अचानक अपने बीच पाकर ग्रामीणों में आश्चर्य मिश्रित खुशी देखी गयी।  
चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि तालाब गहरीकरण में प्रतिदिन लगभग 235 मजदूर काम करते हैं। डॉ. रमन सिंह ने चौपाल में पीपरछेड़ी के किसानों की पांच साल पुरानी मांग को तत्काल पूर्ण करते हुए अधिकारियों को गांव के नजदीक भुताही सिंचाई डायवर्सन की क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत तत्काल करवाने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने ग्रामीणों की मांग पर पनखत्ती सिंचाई तालाब में निस्तारी सुविधा के लिए नलकूप खनन की स्वीकृति प्रदान करते हुए वहां स्लूस गेट निर्माण के लिए सात लाख 50 हजार रूपए, पचरी निर्माण के लिए पांच लाख रूपए भी तत्काल मंजूर कर दिए।

उन्होंने ग्रामवासियों के आग्रह पर पीपरछेड़ी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए छह लाख रूपए, रामायण चौक में छत निर्माण और वार्ड नम्बर-3 में 200 मीटर सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण की स्वीकृति तत्काल देने की घोषणा की। 

उन्होंने चौपाल में गांव के बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। पहाड़ा और गिनती को लेकर भी सवाल किए। मुख्यमंत्री को पांचवी कक्षा की बालिका सुनीता ने 14 का पहाड़ा सुनाया। डॉ. सिंह ने उसे शाबाशी दी। डॉ. रमन सिंह के पूछने पर सुनीता ने बताया कि वह शिक्षिका बनना चाहती है। पूजा नामक बालिका ने मुख्यमंत्री को एक गीत सुनाया और कहा कि वह पढ़-लिखकर डॉ. बनना चाहती है। मुख्यमंत्री ने इन बालिकाओं को आशीर्वाद दिया और चाकलेट भी बांटे। उन्होंने बालिकाओं को लोक सुराज के प्रतीक चिन्ह अंकित टोपी भेंट कर सम्मानित किया।

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