पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर आडिटोरियम अम्बेडकर जयंती

कमजोर वर्गों के उत्थान में बाबा साहब का योगदान अविस्मरणीय: डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री शामिल हुए अम्बेडकर जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में 
डोंगरगढ़ में बाबा साहब की धातु निर्मित आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा
राजनांदगांव के अम्बेडकर सांस्कृतिक भवन को पूरा करने 20 लाख रुपए की मंजूरी
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग में बौद्ध समाज को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व 
मुख्यमंत्री ने किया विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का सम्मान 
रायपुर, 14 अप्रैल 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 126वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह और डिजी धन मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश सरकार के आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा - समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर के योगदान को युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। उनका योगदान अविस्मरणीय है।

    मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में राजनांदगांव जिले के तहसील मुख्यालय डोंगरगढ़ में बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर की धातु निर्मित आदमकद प्रतिमा जल्द स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने राजनांदगांव के अम्बेडकर सांस्कृतिक भवन का निर्माण पूरा करने 20 लाख रूपए की सहायता देने और छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग में बौद्ध समाज को भी प्रतिनिधित्व देने का ऐलान किया। 
    डॉ. सिंह ने आयोजन में बाबा साहब को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज का दिन डॉ. भीमराव अम्बेडकर से प्रेरणा लेने और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। डॉ. अम्बेडकर कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत से कामयाबी की ऊंचाईयों तक पहुंचे, जिस युग में आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी, उस समय उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। 
बाबा साहब ने समाज को शिक्षा सहित हर क्षेत्र में आगे बढने, संगठित होने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा था कि शिक्षित वर्ग ही समाज को नेतृत्व प्रदान करता है। बाबा साहब ने कमजोर वर्गों को न सिर्फ आगे बढने के लिए प्रोत्साहित किया अपितु उन्हें संविधान में अधिकार भी प्रदान किए। वे देश के प्रथम कानून मंत्री थे। उन्होंने अपने सिद्धांतों पर अटल रहते हुए मंत्री पद से त्याग पत्र देकर अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा में लगा दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने की। लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। समारोह का आयोजन राजनांदगांव के पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर आडिटोरियम में किया गया। 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोक गायिका श्रीमती कविता वासनिक और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुश्री रेणुका यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने रेणुका यादव को एक लाख रुपए का चेक प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में कहा - बाबा साहब ने झोपड़ी में जन्म लेकर अपनी संकल्प शक्ति से  दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालय से डिग्री ली और समाज के कमजोर वर्ग में स्वाभिमान जगाने और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडने के लिए जीवन भर संघर्ष किया।  राज्य सरकार भी बाबा साहब को आदर्शों पर चलते हुए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और कमजोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। समाज की अंतिम पंक्ति का व्यक्ति जब तक विकास के मुख्य धारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक छत्तीसगढ़ विकसित नहीं कहलाएगा। 
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी साकार कर रहे हैं। उनके द्वारा प्रारंभ की गई जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएं गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली योजनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुसचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के  विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं जहां विद्यार्थियों को दो वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाती है। आज इस विद्यालय के सैकड़ों बच्चे मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईआईटी और देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेकर अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने सभी लोगों को अम्बेडकर जयंती की शुभकामनाएं दीं। 
मुख्यमंत्री ने समारोह के साथ आयोजित डिजी धन मेले को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल लेन-देन में कई कदम आगे बढ़ा है। निकट भविष्य में संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत लोगों को 45 लाख स्मार्टफोन दिए जाएंगे। स्मार्ट फोन में राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ 32 प्रकार के आवेदनों के प्रारूप भी होंगे। प्रदेश में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए 16 सौ टॉवर लगाए जाएंगे। बस्तर में इसके लिए बस्तर नेट परियोजना पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा-डॉ. अम्बेडकर का पूरा जीवन पिछड़ों और वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्शों के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य में अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक तथा कमजोर वर्गों की बेहतरी के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा-डॉ. अम्बेडकर ने देश और समाज के विकास तथा सम्पूर्ण मानवता की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डॉ. अम्बेडकर ने देश के कानून मंत्री के रूप में कई ऐसे प्रावधान किए, जिससे महिलाओं और कमजोर वर्गों में आत्म विश्वास जागृत हुआ। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामजी भारती, छत्तीसगढ़ राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी, राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अकरम कुरैशी, बीस सूत्रीय कार्यक्रम समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेखा मेश्राम सहित कई संस्थाओं के पदाधिकारी, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। 

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