पखान्जूर इलाके में मछलीपालन को बढ़ावा

तीन करोड़ रूपए की लागत से बनेगी एक सौ डबरियां, मुख्यमंत्री ने माटोली समाधान शिविर में की घोषणा
ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से माड़ क्षेत्र के हितग्राहियों को होगा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान, डॉ. सिंह ने दिए निर्देश
 

रायपुर, 27 मार्च 2018 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांकेर जिले के पखान्जूर क्षेत्र में मछली पालन के रोजगारमूलक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए एक सौ डबरियों के निर्माण के साथ इनके लिए तीन करोड़ रूपए की मंजूरी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हितग्राहियो ंको डबरी निर्माण के लिए ढ़ाई लाख से तीन लाख रूपए तक की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज कांकेर जिले के विकासखंड कोयलीबेड़ा स्थित माटोली में आयोजित समाधान शिविर में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने माड़ क्षेत्र और इस अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में जहां पोस्टआफिस संचालित नही है, वहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को समय से पेंशन राशि के भुगतान के संबंध में कहा कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा इन क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में जाकर एक अप्रैल से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को पेंशन वितरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के आग्रह पर शिविर स्थल पर ही अनेक विकास कार्यों की तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी। डॉ. सिंह ने माटोली में निखिल भारत बंग समाज के सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रूपए, माटोली में दंतेश्वरी मंदिर के पास सड़क कांक्रीटीकरण और शेड निर्माण के लिए दस लाख रूपए, माटोली में सीसी रोड निर्माण के लिए दस लाख रूपए और माटोली में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में माटोली क्लस्टर के गांवों से प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की।
डॉ. सिंह ने शिविर में परलकोट क्षेत्र के लिए लगभग 48 करोड़ रूपए लागत की अनेक सड़कों और पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। इनमें से पखान्जूर पीवी-29 से पीवी-32 तक सड़क निर्माण छह करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से, बड़गांव-प्रतापपुर सड़क का निर्माण 11 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत से किया जाएगा। उरांवपारा से जुनवानी मार्ग, बेलूर से छोटेबेतिया मार्ग और पखान्जूर से चन्द्रपुर मार्ग में पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में बताया कि प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र के चार विकासखंडों में जून माह के अंत तक 24 हजार घरों में जिनमें विद्युत कनेक्शन नहीं है, उन घरों में बिजली कनेक्शन दे दिए जाएंगे। डॉ. सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में 132 के.व्ही. क्षमता की बिजली लाइन का काम चल रहा है, जिसके पूर्ण होने पर इस क्षेत्र में बिजली के कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्त्योदय अन्न योजना के हितग्राहियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के नाम जोड़ने का काम प्रारंभ हो गया है। इस योजना से प्रदेश के लगभग 50 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। शिविर में जानकारी दी गई कि कोयलीबेड़ा विकासखंड में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना अंतर्गत पांच हजार 731 परिवारों को जिनके स्मार्ट कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके स्मार्ट कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। समाधान शिविर में विधायक श्री भोजराज नाग, मुख्य सचिव श्री अजय सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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