नाटक युगपुरुष महात्मा के महात्मा का मंचन

एक साथ रायपुर के दो सभागारों मेडिकल कॉलेज हॉल और सत्य साईं ऑडिटोरियम में नाटक युगपुरुष महात्मा के महात्मा का मंचन 17 मार्च 2017 को हुआ। आध्यात्मिक गुरु श्रीमद राजचंद्र की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में रायपुर महत्मामय रहा।  डॉ. रमन सिंह ने महात्मा गाँधी पर आधारित नाट्य मंचन का आनंद लिया।

रायपुरियंस ने आनद लिया कि कैसे मोहनदास से महात्मा गांधी का सफर एक आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन में आरम्भ होकर परवान चढ़ा। महात्मा गाँधी के आध्यात्मिक गुरु श्रीमद राजचंद्र के बारे रायपुर के लोगों ने पहली बार जाना।

महात्मा गाँधी हमेशा बताया करते थे अपने आधात्मिक संकट के समय वे कैसे गुरु श्रीमद राजचंद्र का सहारा लिया करते थे।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्रीमद राजचंद्र के  150वें जयंती वर्ष पर 125 दिनों में हुआ नाटक का 250वां मंचन

रायपुर, 17 मार्च 2017 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रात यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्रीमद राजचंद्र पर केन्द्रित नाटक ’युगपुरूष-महात्मा के महात्मा’ का शुभारंभ किया। नाटक का मंचन जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सभागृह में किया गया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद राजचंद्र जी के 150वें जन्म जयंती वर्ष पर 125 दिनों के भीतर इस नाटक का यह 250वां मंचन था। यह नाट्य प्रस्तुति महाराष्ट्र के धरमपुर (जिला-बलसार) स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन के कलाकारों द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मिशन के संस्थापक श्री राकेश भाई को सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि एक बहुत बड़े और पवित्र उद्देश्य को लेकर श्रीमद राजचंद्र मिशन द्वारा इस नाटक की प्रस्तुति देश भर में दी जा रही है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि नाटक के मंचन से संस्था को होने वाली आमदनी से दक्षिण गुजरात में दो सौ बिस्तरों के अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा-यह छत्तीसगढ़ और रायपुर के लिए सौभाग्य की बात है कि यहां पर हमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्री राजचंद्र जी के जीवन के अनछुए पहलुओं के बारे में नाटक के माध्यम से बहुत कुछ जानने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कलाकारों को और श्रीमद राजचंद्र मिशन के संस्थापक श्री राकेश भाई को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर साहू, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस और शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

आयोजकों ने बताया कि ’युगपुरूष-महात्मा के महात्मा’ नाट्य प्रयोग भारतीय इतिहास की एक अनकही कथा है। यह मोहनदास को महात्मा में रूपांतरित करने वाले, सत्य और अहिंसा के सिंद्धात द्वारा उनके चरित्र का निर्माण करने वाले उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शक तथा गांधी जी के बीच आध्यात्मिक संबंध पर केन्द्रित है। श्रीमद राजचंद्र जी का जन्म 1867 में हुआ था। वहीं महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 में हुआ था। इस प्रकार राजचंद्र जी महात्मा गांधी से मात्र दो साल बड़े थे। वह अत्यंत प्रतिभावान संत, कवि और दार्शनिक थे। मात्र 33 वर्ष की युवा अवस्था में सन् 1901 में श्रीमद राजचंद्र जी का निधन हो गया था। नाटक में महात्मा गांधी स्वयं उनसे जुड़े अपने संस्मरण सुनाते नजर आते हैं। उनसे गांधी जी का पहला परिचय मुम्बई में सन् 1891 में उस समय हुआ, जब वे बैरिस्टर बनकर इंग्लैंड से लौटे। गांधी जी ने अपनी आत्मकथा ’सत्य के प्रयोग’ में भी उनका उल्लेख किया है। लगभग एक घण्टे और 20 मिनट के इस नाटक का लेखन श्री उत्तम गढ़हा ने और दिग्दर्शन श्री राजेश जोशी ने किया है। संगीत निर्देशन श्री सचिन जिगर का है। आयोजकों ने यह भी बताया कि नाटक गुजराती और कुछ अन्य भारतीय भाषाओं में भी तैयार किया गया है। बेंगलुरू (कर्नाटक) विधानसभा में 21 मार्च को और मध्यप्रदेश विधानसभा (भोपाल) में 23 मार्च को इसका मंचन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी 15 अगस्त 2016 को स्वतंत्रता दिवस के अपने संदेश में महात्मा गांधी के गुरू श्रीमद राजचंद्र जी की 150वें जन्म जयंती वर्ष का उल्लेख किया है।

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