नाटक

नाटक युगपुरुष महात्मा के महात्मा का मंचन

एक साथ रायपुर के दो सभागारों मेडिकल कॉलेज हॉल और सत्य साईं ऑडिटोरियम में नाटक युगपुरुष महात्मा के महात्मा का मंचन 17 मार्च 2017 को हुआ। आध्यात्मिक गुरु श्रीमद राजचंद्र की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में रायपुर महत्मामय रहा।  डॉ. रमन सिंह ने महात्मा गाँधी पर आधारित नाट्य मंचन का आनंद लिया।

रायपुरियंस ने आनद लिया कि कैसे मोहनदास से महात्मा गांधी का सफर एक आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन में आरम्भ होकर परवान चढ़ा। महात्मा गाँधी के आध्यात्मिक गुरु श्रीमद राजचंद्र के बारे रायपुर के लोगों ने पहली बार जाना।

जननाटय संघ (इप्टा) का 12वां मुक्तिबोध नाटय समारोह

मुक्तिबोध नाटय समारोह रायपुर के रंग मंदिर में 10 जनवरी से 18 जनवरी 2009 तक आयोजित किया गया। डॉ नामवर सिंह द्वारा उद्धाटित नाटय समारोह में भोपाल, पटना, मुंबई, रायगढ़, जबलपुर, रायपुर एवं दिल्ली के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ज्वलंत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए अपनी कला का मंचन किया। अस्मिता थियेटर ग्रुच दिल्ली ने नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति द्वारा आतंकवाद और जनसमस्या पर प्रकाश डालते हुए प्रथम एवं द्वितीय दिवस एकल नाटकों में नारी की पीड़ा और प्रताणना का सफल मंचन करते हुए देश की स्थिति पर सोचने को मजबूर किया

महानाटय जाणता राजा के मंचन में रायपुर के कलाकार

प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 की 150 वीं वर्षगांठ समारोह पर रायपुर में पांच दिनों तक प्रदर्शित छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी पर आधारित महानाटय 'जाणता राजा' के मंचन में राजधानी रायपुर के महाराष्ट्र मंडल के कलाकारों ने भी भूमिका निभायी। इनमें अनेक बाल कलाकार भी शामिल थे। संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां अपने निवास पर महाराज छत्रपति प्रतिष्ठान पुणे (महाराष्ट्र) की ओर से इस नाटक में भाग लेने वाले इन कलाकारों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। ये प्रमाण-पत्र महाराज छत्रपति प्रतिष्ठान पुणे द्वारा दिए गए हैं। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर सभी कलाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुक्तिबोध नाट्य समारोह का उदघाटन

11वां गजानंद माधव मुक्तिबोध नाट्य समारोह रायपुर के प्रसिध्‍द मंच रंग मंदिर में पुलिस डी जी पी श्री विश्‍व रंजन एवं रायपुर इप्‍टा के श्री सुभाष मिश्रा द्वारा उद्घाटन किया गया

सृजन शील कलाकारों के सानिंध्‍य में प्रारंभ हुआ मुक्तिबोध नाट्य समारोह बेहद गंभीर और एकलौता नाट्य उत्सव है।

साहित्य और रचनाकारों की बिरादरी में खास स्थान रखने वाला मुक्तिबोध नाट्य समारोह में प्रथम प्रस्‍तुती मुक्तिबोध की कविताओं पर आधारित रायपुर इप्‍टा की नाटक रही।

निर्देशक काशि नायक की रचना कविता के भावों से पारिवारिक व्‍यथा संघर्ष की शानदार अभिव्‍यक्‍त थी।