धान बोनस तिहार घोषणा साथ में दिवाली त्यौहार

अन्नदाता किसानों की चिंता सरकार की पहली प्राथमिकता : डॉ. रमन सिंह : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बोनस की घोषणा: हजारों किसानों ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन

हर संकट में राज्य सरकार किसानों के साथ, किसानों को सूखा राहत के साथ फसल बीमा की राशि और बोनस की राशि मिलेगी
सभी 27 जिलों में 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे ‘बोनस तिहार’
रायपुर, 10 सितम्बर 2017 -  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि अन्नदाता किसानों की चिंता राज्य और केन्द्र सरकार की पहली प्राथमिकता में शामिल हैं। हर संकट की घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव के कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किसान सम्मेलन और किसान मेले को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने उन्हें तीन तरह से लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया है। सूखा प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत सूखा राहत की राशि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बोनस किसानों को दिया जाएगा। किसानों को धान के बोनस के वितरण के लिए दीपावली के पहले हर जिले में ‘बोनस तिहार’ के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
उन्होंने कहा - राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2016 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान पर 2100 करोड़ रूपए की घोषणा और वर्ष 2017 की धान खरीदी पर बोनस की घोषणा करने पर हजारों की संख्या में किसानों ने मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री को खुमरी पहनाकर हल और धान की बालियां भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय कृषि मूल्य आयोग ने मोटे धान का समर्थन मूल्य 1470 रूपए से बढ़ाकर 1550 रूपए और पतले धान का समर्थन मूल्य 1510 रूपए से बढ़ाकर 1590 रूपए निर्धारित किया है।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जब छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में सूखे के हालत पैदा होने की जानकारी देते हुए उनसे किसानों को धान का बोनस देने का आग्रह किया गया, तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संवेदनशीलता के साथ बोनस वितरण के लिए तत्काल सहमति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा आज किया गया अभिनंदन वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को समर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में लगभग साढ़े तेरह लाख किसानों से 69 लाख 59 हजार मीटरिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई थी, जिस पर किसानों को प्रति क्विंटल 300 रूपए की दर से बोनस दिया जाएगा। किसानों को दीपावली के पहले बोनस का वितरण कर दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने उनके नेतृत्व में तीन बार सरकार बनवाकर अपना विश्वास प्रकट किया है। उनका यह विश्वास मैं खंडित नहीं होने दूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में किसानों और युवाओं का उत्साह देखते बनता है। इतना विशाल जनसमुदाय पहली बार किसी समारोह में उमड़ा है। मुख्यमंत्री ने किसानों द्वारा किए गए अभिनंदन से अभिभूत होकर कहा कि ’सूखे से झन डर संगी, सरकार किसान के मितान हे। जो धरती के पांव पखारे, वही किसान भगवान है’। 
उन्होंने कहा कि किसानों के श्रम से ही हमारी थाली में भोजन पहुंचता है और देश की रक्षा जवानों की बहादुरी से है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के परिश्रम से प्रदेश में धान, दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में किसानों को 2374 करोड़ रूपए का बोनस दिया गया। वर्ष 2015 में सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए 1800 करोड़ रूपए का पैकेज दिया गया था। बिजली के बिल माफ किए गए थे और किसानों की बेटियों की विवाह के लिए मदद दी गई थी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसान मेले में लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को रबी के लिए फसल बीमा की राशि, डेयरी विकास के लिए सहायता राशि के चेक, स्वाइल हेल्थ कार्ड का वितरण भी किया।   
किसान सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि, पशुपालन एवं मछलीपालन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिले के प्रभारी मंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह, नगर निगम राजनांदगांव के महापौर श्री मधुसूदन यादव, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामजी भारती, राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी, छŸाीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अकरम कुरैशी सहित विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, विधायक डोंगरगांव श्री दलेश्वर साहू,  विधायक खैरागढ़ श्री गिरवर जंघेल, विधायक श्री भोलाराम साहू, विधायक मोहला-मानपुर श्रीमती तेजकुंवर नेताम के अलावा जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा वर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्री रमेश पटेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल एवं राजगामी संपदा न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री संतोष अग्रवाल भी उपस्थित थे। 

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