देश भर में तीसरा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया गया

कपड़ा राज्यमंत्री ने गुवाहाटी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता की 

केन्द्रीय कपड़ा राज्यमंत्री, श्री अजय टम्टा ने कहा कि भारत सरकार कपड़ा बुनकरों के कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है। तीसरे राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर गुवाहाटी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि वह सिर्फ उनकी सराहना ही नहीं करते बल्कि कपड़ा बुनकरों की प्रतिबद्धता, समर्पण और कौशल को भी सलाम करते हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा बुनकर अपने उत्पादों के उचित मूल्य पाने सक्षम हो सकेंगे और इस दिशा में सरकार काम कर रही है। बुनकरों के कल्याण के लिए विभिन्न पहल की गई है। मंत्री महोदय ने कहा कि भारत सरकार की हथकरघा संवर्द्धन सहायता स्कीम के तहत बुनकर नये करघों की लागत का 90 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। श्री टम्टा ने यह भी कहा कि मुद्रा स्कीम के तहत 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा बुनकरों के लिए उपलब्ध है, जिसके लिए किसी तरह की सुरक्षा राशि की जरूरत नहीं है। मंत्री महोदय ने बुनकरों को सूचित किया कि कपड़ा मंत्रालय ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) में बुनकरों के बच्चे जो स्कूल और विश्वविद्यालय शिक्षा में पा रहे, उनकी फीस का 75 फीसदी भुगतान सरकार द्वारा करने के लिए उनके साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। श्री टम्टा ने असम के मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि असम के बुनकरों के कल्याण के लिए राज्य की सभी जरूरत को केन्द्र पूरा करेगा।

मुख्य अतिथि और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए तीसरे राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के लिए गुवाहाटी को चुनने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की 50 फीसदी से ज्यादा बुनकरों की आबादी पूर्वी उत्तर क्षेत्र में रहती है, जिसमें ज्यादातर महिलाएं है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों का सशक्तिकरण करना है। श्री सोनोवाल ने यह भी कहा कि पूर्वी उत्तर की हथकरघा क्षेत्र में काफी भूमिका है। कपड़ा सचिव श्री अनंत कुमार सिंह ने कहा कि हमारे बुनकर बहुत मेहनती है, उनके सृजन में हृदय और अस्मिता भी दिखती है। उन्होंने कहा कि हमें कुछ जरिये ढूढ़ने होंगे जिससे कि बुनकरों की आमदनी बढ़ सके और उन्हें उनके उत्पाद का बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए।

इस अवसर पर कपड़ा मंत्रालय और सामान्य सेवा केन्द्रों के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए जिसके तहत बुनकरों को एक ही छत की नीचे यानी वीवर सर्विस सेंटर (डब्ल्यूएससी) से सरकारी सेवाएं मिलेंगी। डब्ल्यूएससी बुनकरों के लिए एक केन्द्र है जो विभिन्न सेवाएं देता है जिसमें बैंकिंग, पासपोर्ट, बीमा, पैन कार्ड, पहचान पत्र और आधार शामिल हैं। डब्ल्यूएससी के तहत ऑनलाइन कोर्स चलाया जा रहा है जिससे बुनकर अपने बिजली बिलों का भुगतान भी कर सकें।

हिन्दी