दक्षिण बस्तर में शिक्षा का अलख जगानें समतुल्यता कार्यक्रम आयोजित

शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगींण विकास संभव:-शिक्षा सचिव श्री नंद कुमार

दंतेवाडा, 27 ज़ून 09 शिक्षा से ही किसी व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। शिक्षा के माध्यम से ही विकास की मुख्य धारा से किसी व्यक्ति को जोड़ा जा सकता है। जो व्यक्ति शिक्षा से वंचित रह गये है उन्है शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना हम सभी की नैतिक जिम्मेवारी है उक्त बातें राय के स्कूल शिक्षा सचिव श्री नंद कुमार ने 26 जून को पुराने कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित समतुल्यता कार्यक्रम को संबोधित करते हुयी कहीं।

राय साक्षरता मिशन प्राधिकरण छ.ग. एवं जिला साक्षरता समिति दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा द्वारा 26 जून को पुराने कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में शिक्षा में निरंतरता, गुणवत्ता, ठहराव तथा समतुल्यता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवसाक्षरों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने, शिक्षा के नए सत्र को ध्यान में रखते हुए लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक शाला त्यागी बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें श्री दिनेश टाक परियोजना प्रबंधक राय साक्षरता मिशन प्राधिकरण विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सचिव स्कूल शिक्षा श्री नंदकुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य है जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं या स्कूल छोड़ चुके है उन्हें स्कूल ले जाकर विद्या अध्ययन के महत्व के बारे बताकर उन्हें शिक्षाध्यन हेतु प्रोत्साहित करना है। उन्होने बताया कि हम सभी को अपने लक्ष्य की ओर सतत आगे बढ़ते रहना है। सरकार द्वारा आज जो सर्वशिक्षा अभियान चलाया जा रहा है उसका बहुत ही अधिक महत्व है।

उन्होनें सर्व शिक्षा अभियान के अर्थ को समझाते हुए बताया कि जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं उन सभी को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करना, इस कार्य को करने के लिए हमें दूसरों का नही बल्कि अपने कार्य करने के तरीके में बदलाव लाना होगा तथा अपनी सोच में अमूलचूल परिवर्तन करना होगा। तब जाकर हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। हम धीरे-धीरे अपने प्रयासों से इस बस्तर को और भी अधिक सुंदर बना सकते हैं।

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