डीकेएस भवन में चिकित्सा अनुसंधान केंद्र

पुराना मंत्रालय या पहले का डीके अस्पताल अब होग आधुनिक स्वास्थ्य अनुसन्धान केंद्र   

चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा : डीकेएस भवन में जल्द शुरू होगा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर

रायपुर, 10 अप्रेल 2016 - चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने राजधानी रायपुर स्थित दाऊ कल्याण सिंह भवन (पुराने मंत्रालय भवन) में डी.के.एस. पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर जल्द शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक को भवन नवीनीकरण, उपकरणों की आपूर्ति उपलब्ध पद एवं कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी दी जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस आशय का आदेश जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर इस नवीन संस्थान को शुरू करने के लिए विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में एक उच्च अधिकार प्राप्त स्वशासी समिति का भी गठन किया है। यह समिति छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 के प्रावधानों के तहत बनायी गई है, जिसका पंजीयन क्रमांक 5683 है। समिति द्वारा भवन उन्नयन, परिसर विकास की स्वीकृति और जरूरी पदों की मंजूरी उन पदों में नियुक्ति और अन्य संबंधित विषयों पर निर्णय लिए जाएंगे। इंस्टीट्यूट के भवन विस्तार और परिसर विकास के लिए लोक निर्माण विभाग को एजेंसी नियुक्त किया जाएगा। इस विभाग के स्तर पर कार्य में विलम्ब होने पर गृह निर्माण मंडल की समक्ष संस्था को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। आदेश में कहा गया है कि इंस्टीट्यूट की मान्यता के लिए किसी नियामक आयोग या संस्था की अनुमति या अनुमोदन जरूरी हो तो वह भी जल्द प्राप्त की जाएगी। इंस्टीट्यूट में एक संचालक और एक अधीक्षक अथवा नोडल अधिकारी होंगे। उनकी यह जिम्मेदारी होगी कि सभी मानकों को पूर्ण करते हुए इंस्टीट्यूट जल्द शुरू किया जाए। उनका यह भी दायित्व होगा कि एक माह के भीतर इंस्टीट्यूट के लिए सभी आवश्यक समितियों का गठन भी कर लिया जाए।
यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दाऊ कल्याण सिंह अस्पताल (डी.के.एस. भवन) परिसर में न्यूरोसर्जरी, नेफ्रॉलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और पिडियाट्रिक सर्जरी और पेट (PET) स्केन जैसी उच्च विशेषज्ञता वाली चिकित्सा सेवाएं शुरू करने की भी घोषणा की है और इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में 21 करोड़ रूपए का वित्तीय प्रावधान किया है।

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