जयंती

गुरू घासीदास बाबा के संदेश में मानव कल्याण

गुरू घासीदास बाबा के संदेश में मानव कल्याण की भावना समाहित

राजधानी रायपुर के राजेन्द्र नगर और जवाहर नगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
रायपुर, 26 दिसम्बर 2008 - पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गुरू घासीदास बाबा के ''मनखे-मनखे एक समान'' के संदेश में सामाजिक सद्भावना और सामाजिक समरसता की भावना समाहित है। गुरू घासीदास बाबा का जीवन सामाजिक बुराईयों एवं कुरीतियों को दूर करने के लिए समर्पित था।

देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता जरूरी

रायपुर, 18 जून 2008 - राष्ट्रीय एकता और देश के विकास के लिए सामाजिक समरसता बहुत जरूरी है। समाज के सभी वर्गों की एकता से ही जनता की सामाजिक, आर्थिक बेहतरी के साथ राज्य तथा देश की तरक्की हो सकती है। पिछड़े वर्ग से संबंधित सभी समाजों का उत्थान और उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में सर्व पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। महा सम्मेलन का आयोजन कबीर जयंती और झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

ढाई आखर कबीर के समन्‍वय का सामयिक मंत्र

रायपुर, 17 जून 2008 संत कबीर ने अपनी निर्भीक वाणी और विचारों से संसार को एक नई दिशा प्रदान की है। उनके काव्य एवं संदेशों में जनसमुदाय एवं समाज में फैली विषमता, विभेद और अंतर को बहा ले जाने तथा समानता स्थापित करने की वृहद ताकत मौजूद है। कबीर के संदेश में आज भी सामाजिक विषमता दूर करने की ताकत है।

विवेकानंद ने भारतीयों के आत्मगौरव को जागृत किया

स्वामी विवेकानंद की 146वीं जयंती के अवसर पर कल रायपुर में रामकृष्ण मिषन आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेष के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद देश की महान आत्मा, महान संत और महामानव थे। युग पुरूष स्वामी विवेकानंद ने भारतवासियों में आत्मगौरव की भावना को जगाने, उसे प्रेरित करने, अपनी संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक परम्पराओं के अनुरूप बनाने का कार्य किया।