छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान आयोजित कार्यक्रम

संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की 150वीं वर्षगांठ समारोह के अंतर्गत पिछले एक साल तक देशभर में हुए कार्यक्रमों से देशवासियों में राष्ट्रीयता की भावना और मजबूत हुई है। देश को आजाद करने के लिए देशभक्तों द्वारा किए गए त्याग और बलिदानों के इतिहास से जुड़े कार्यक्रमों से नई पीढ़ी के मन में स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा का जज्बा पैदा करने में मदद मिली है। श्री अग्रवाल कल देर रात यहां छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य संस्थान द्वारा 1857 के शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर संस्थान की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री सूर्यकांत खूबचंदानी को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पीढ़ी को शहीदों के बलिदान की समुचित जानकारी नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जाने बिना नई पीढ़ी के लिए आजादी की कीमत को समझना मुश्किल है। श्री अग्रवाल ने कहा अगर हम नई पीढ़ी के मन में देश व समाज के प्रति समर्पण की भावना पैदा करने में सफल हुए तो भारत को फिर से विश्व गुरू बनने से कोई रोक नहीं सकता। संस्कृति मंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान द्वारा सिन्धी भाषा, संस्कृति एवं साहित्य के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की चर्चा भी की। छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोधेजा ने अपने स्वागत उद्बोधन में 'शहीदों की याद' कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी और छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत के अध्यक्ष श्री बलराम रूपरेला में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री प्रेमचंद बीरनानी सहित छत्तीसगढ़ सिन्धी साहित्य संस्थान के सदस्य व बजाज कॉलोनी के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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