छत्तीसगढ़ के 20 हजार गांवों और 110 शहरों में वाचन मेला

छत्तीसगढ़ के बीस हजार गांवों और 110 शहरों में समर कैम्प की तर्ज पर होगा वाचन मेले का आयोजन | गर्मियों की छुट्टी में 20 मई से 30 जून तक स्कूली बच्चे प्राप्त करेंगे अक्षर, भाषा और गणित का ज्ञान

रायपुर, 16 मई 2008 बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश के बीस हजार गांवों और 110 शहरों में आगामी 20 मई से 20 जून तक ''वाचन मेले'' का आयोजन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग तथा राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा समाज सेवी संस्था 'प्रथम' के सहयोग से आयोजित किए जा रहे इस मेले में सभी गांवों और शहरों में स्थानीय जनता की भी सक्रिय भागीदारी होगी। वाचन मेले स्थानीय लोगों की सहमति से सवेरे 7.30 से 9.30 या शाम 4.30 से 6.30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। गर्मियों की छुट्टियों में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूली बच्चों के लिए आयोजित किए जा रहे इस मेले के सुचारू संचालन में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, साक्षरता अभियान के ज्ञानदूत, संवाद सैनिक, सतत शिक्षा केन्द्र के नोडल प्रेरक, प्रेरक, सहायक प्रेरक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, महिला स्व-सहायता समूह, स्थानीय युवा मंडलों और महिला मंडलों का सहयोग लिया जाएगा।

इस मेले के लिए वाचन सामग्री राजीव गांधी शिक्षा मिशन के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। जिसमें बचपन एवं बाल चित्र की किताबें, वाचन कार्ड, चित्र कार्ड, हर एक बच्चे के लिए अंक चार्ट, गणित का मेन्युअल, स्ट्रा एवं रबर बैंड, नकली करेंसी और चाक शामिल होगी। प्रत्येक वाचन मेले में डेढ़ सौ बच्चों के लिए साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी गांव के वाचन मेले में शामिल होने वाले बच्चों की संख्या तीन सौ या उससे अधिक होती है, तो वहां बच्चों के लिए साहित्य के दो सेट उपलब्ध कराए जाएंगे।

वाचन मेला प्रारंभ होने के पहले बच्चों की पढ़ने और गणितीय योग्यता का परीक्षण किया जाएगा और बच्चों को वाचन और गणितीय योग्यता के आधार पर तीन अलग-अलग समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक समूह में पंद्रह से बीस बच्चे शामिल होंगे। बच्चों से उनकी आयु और योग्यता के अनुसार अलग-अलग समूहों में अक्षर और शब्द ज्ञान कराया जाएगा। तथा अनुच्छेद या कहानी का वाचन कराया जाएगा। इसी तरह गणित के समूह में बच्चों को अलग-अलग समूहों में अंक ज्ञान, जोड़-घटाना और गुणा-भाग का अभ्यास रोचक तरीके से कराया जाएगा। आवश्यक होने पर बच्चों को घरों से वाचन मेला स्थल तक लाने और ले जाने के लिए स्वयं सेवकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। वाचन मेले की शुरूआत बच्चों द्वारा की जाने वाली प्रार्थना से होगी।

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